
विमानवाहक पोत सहित फ्रांस का नौसेनिक बेड़ा स्वेज नहर के दक्षिण और लाल सागर की तरफ बढ़ रहा है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए फ्रांस-ब्रिटेन की संयुक्त योजना के तहत संभावित अभियान की तैयारी की जा सके। फ्रांसीसी सशस्त्र बलों ने बुधवार को यह जानकारी दी। फ्रांसीसी सेना ने एक बयान में कहा कि चार्ल्स डी गॉल विमानवाहक पोत समूह, जिसके साथ एक इतालवी और एक डच युद्धपोत भी है, दक्षिणी लाल सागर की ओर जा रहा है।
मैक्रों ने की थी तैनाती की घोषणा – परमाणु ऊर्जा से संचालित ‘चार्ल्स डी गॉल’ और उसके साथ चल रहे पोतों का दक्षिण की ओर बढ़ना पश्चिम एशिया में तैनाती का नवीनतम चरण है, जिसकी घोषणा फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने तीन मार्च को एक टेलीविजन संबोधन में की थी। मैक्रों ने यह घोषणा ईरान द्वारा होर्मज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने से एक दिन पहले की थी।
होर्मुज के पास जाएगा फ्रांसीसी नौसैनिक बेड़ा – स्वेज नहर के दक्षिण में इस कदम से फ्रांस का एकमात्र विमानवाहक पोत फारस की खाड़ी के उस महत्वपूर्ण मार्ग के और करीब पहुंच गया है, जिसके जरिये दुनिया के करीब 20 फीसदी कच्चे तेल का व्यापार होता है। लेकिन इस मार्ग को ईरान ने मार्च की शुरुआत से ही वाणिज्यिक यातायात के लिए प्रभावी रूप से रोक दिया है।
होर्मुज गठबंधन का हिस्सा है फ्रांस – फ्रांसीसी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ के प्रवक्ता कर्नल गुइलौम वर्नेट ने ‘एपी’ को बताया, ”स्वेज के दक्षिण में जाना हमारे लिए नया है। भौगोलिक रूप से यह होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब है और इसलिए परिस्थितियां अनुकूल होते ही हमें तेजी से प्रतिक्रिया करने में सक्षम बनाएगा।” वर्नेट ने कहा कि फ्रांस, ब्रिटेन और 50 से अधिक देशों द्वारा गठित व्यापक होर्मुज गठबंधन तब तक काम करना शुरू नहीं करेगा जब तक किसी भी अभियान के लिए पड़ोसी देशों की सहमति न मिल जाए।
Home / News / लाल सागर की ओर बढ़ रहा फ्रांस का नौसैनिक बेड़ा, राफेल से लैस चार्ल्स डी गॉल भी शामिल, टेंशन में ईरान
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