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खत्म होगी AC की जरूरत? चीन ने बनाया ‘सुपरकूल सीमेंट’, जानिए कैसे ये तकनीक ठंडी करेगी बिल्डिंग?


कैसा हो अगर घर को ठंडा रखने के लिए आपको AC की जरूरत ना पड़े और इसके लिए आपकी घर की दीवारें ही काफी हों? दरअसल चीन ने ऐसा सुपरकूल सीमेंट बनाया है, जो बिना कि साधारण सीमेंट के मुकाबले कड़ी धूप में भी 26°C तक ठंडा रह सकता है। इस सीमेंट की खासियत है कि इसे बनाना काफी सस्ता है और किसी भी फैक्ट्री में मामूली बदलाव करके इसका उत्पादन किया जा सकता है।
आने वाले समय में ऐसा हो सकता है कि आपको अपने घरों को ठंडा रखने के लिए एयर कंडीशनर की जरूरत ना पड़े क्योंकि चीनी वैज्ञानिकों ने खास किस्म का सुपरकूल सीमेंट टेक्नोलॉजी तैयार कर ली है। इस टेक्नोलॉजी की खासियत है कि यह कंक्रीट की गर्मी सोखने वाले गुण को पूरी तरह से पलट देती है। इसके बाद यह सीमेंट या कंक्रीट गर्मी को रिफ्लेक्टर में बदल देती है।
इस खास सुपरकूल सीमेंट को चीन की साउथइस्ट यूनिवर्सिटी की रिसर्चर्स ने तैयार किया है। आम सीमेंट के मुकाबले यह कड़ी धूप में भी 26°C तक ठंडा रह सकता है। यह खोज एयर कंडीशनर की जरूरत को खत्म कर सकती है। बता दें कि ग्लोबल स्तर पर इमारतें लगभग 40% ऊर्जा की खपत करती हैं और 36% कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं।
कैसे काम करता है सुपरकूल सीमेंट? – चीन के रिसर्चर्स द्वारा बनाया गया एडवांस तकनीक वाला सुपरकूल सीमेंट पैसिव डे-टाइम रेडिएटिव कूलिंग के सिद्धांत पर काम करता है।
दरअसल इस सीमेंट को कैल्शियम, एल्युमिना, सिलिका और सल्फर जैसे कच्चे माल से तैयार किया जाता है।
इसमें मौजूद एल्युमिना और सल्फर का मिक्सचर कंक्रीट की गर्मी को मिड-इंफ्रारेड रेडिएशन के रूप में वातावरण के पार सीधे अंतरिक्ष में भेज देता है।
इसके अलावा इसमें रबर मोल्ड्स का इस्तेमाल करके प्रचुर मात्रा में एट्रिंगाइट क्रिस्टल्स भी बनाए गए हैं, जो सूरज की रोशनी को सोखने के बजाय 96% से ज्यादा किरणों को अलग-अलग दिशाओं में रिफ्लेक्ट कर देता है।
मजबूत कितना है सुपरकूल सीमेंट? – ऐसा नहीं है कि यह सीमेंट सिर्फ ठंडक देता है बल्कि इसकी मजबूती के परिणाम भी चौंकाने वाले आए हैं। इस असल दुनिया में टेस्ट किया गया है जहां इस सीमेंट की सतह का तापमान सामान्य हवा की तुलना में 5.4°C और साधारण सीमेंट की तुलना में 26°C कम दर्ज किया गया।
इस सीमेंट के साथ इतनी कूलिंग बिना किसी मशीन को इस्तेमाल किए हासिल की जा सकती है।​
इसके अलावा इस सीमेंट में मजबूती भी कम नहीं है। टेस्टिंग में इस सीमेंट पर किसी तरह की रगड़, केमिकल या तेजाब, सूरज की यूवी किरणों और कड़ाके की ठंड का असर देखने को नहीं मिला।
हर टेस्ट में यही बात निकलकर आई कि सुपरकूल सीमेंट सभी मौसमों और मुश्किलों को आसानी से झेल सकता है।
सुपरकूल सीमेंट के फायदे – इस सीमेंट का सबसे बड़ा फायदा है कि इसे बनाने के लिए किसी दुर्लभ सामग्री या खास मशीनों की जरूरत नहीं पड़ती। ​
सीमेंट बनाने वाली फैक्ट्रियां मामूली बदलाव करके इसका उत्पादन शुरू कर सकते हैं।
इस सीमेंट को बनाने के दौरान ही कार्बन फुटप्रिंट 25% तक कम हो जाता है।
छतों, कोटिंग्स और दीवारों में इसका इस्तेमाल हीट आइलैंड में बदलते शहरों की काया पलट कर सकता है।