
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पिछले 15 महीनों में 20 से ज्यादा सैन्य जनरलों को हटा दिया है। जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका में सेना और सरकार के संबंध खराब हो रहे हैं? अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने लगातार सैन्य जनरलों और कमांडरों को उनके पदों से हटाया है। सबसे नये अधिकारी अधिकारी जनरल क्रिस डोनह्यू हैं जिन्हें उनके पद से हटाया गया है जो 2024 से यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी यूरोप और अफ्रीका के कमांडिंग जनरल और एलाइड लैंड कमांड के कमांडर हैं।
इस फैसले ने कई लोगों को हैरान कर दिया है क्योंकि फील्ड में उनके शानदार रिकॉर्ड को देखते हुए चार-स्टार वाले सम्मानित अधिकारी जनरल डोनह्यू के बारे में यह अनुमान लगाया जा रहा था कि वे सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ बनेंगे और शायद एक दिन पूरी सेना की कमान संभालेंगे। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने उन्हें हटा दिया है। अब अनुमान है कि वो शायद कोई नीचला पद लेने के बजाए नौकरी से रिटायर होने की घोषणा कर दें।
अमेरिका में सैन्य जनरलों को ‘नौकरी की गारंटी’ नहीं – ट्रंप प्रशासन जनरलों और एडमिरलों की संख्या में 10 प्रतिशत की कम करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अलावा चार-स्टार वाले पदों की संख्या में 20 प्रतिशत की कटौती करना और नेशनल गार्ड के जनरल अधिकारियों की संख्या में 20 प्रतिशत की कमी करना है। इसके पीछे उनकी बताई गई वजह ‘रणनीतिक तैयारी को अधिकतम करना’ और ‘अनावश्यक सैन्य ढांचे’ को हटाना है।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के फैसले की काफी आलोचना की जा रही है। उनका कहना है कि अनुभवी अधिकारियों के जाने से अमेरिकी सेना के फैसले लेने की क्षमता कमजोर होगी।
आपको बता दें कि अमेरिकी संविधान के तहत मिलिट्री अधिकारियों को ‘नौकरी की गारंटी’ नहीं मिलती है। संविधान के आर्टिकल II, सेक्शन 2 के तहत राष्ट्रपति मिलिट्री के कमांडर-इन-चीफ होते हैं। वे उन्हें नौकरी से निकाल सकते हैं या निचले स्तर के पदों पर भेज सकते हैं।
ट्रंप प्रशासन ने सैन्य जनरलों को क्यों हटाया? – ट्रंप प्रशासन का आरोप है कि ये जनरल बाइडेन प्रशासन की विविधता, समानता और समावेशन (Diversity, Equity, and Inclusion – DEI) जैसी प्राथमिकताओं को सेना में बढ़ावा दे रहे थे जिससे सेना की युद्ध क्षमता कमजोर हो रही थी।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का कहना है कि वे सेना को सिर्फ युद्ध जीतने और शारीरिक फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करने वाले योद्धा मानसिकता के मुताबिक पुनर्गठित करना चाहते हैं। ट्रंप प्रशासन ने इसके तहत फोर-स्टार जनरलों और एडमिरलों की संख्या में 20% तक की कटौती करने की योजना भी बनाई है।
जो अधिकारी ट्रंप प्रशासन की आक्रामक विदेश और सैन्य नीतियों जैसे ईरान के साथ तनावपूर्ण संबंध से असहमत थे या जिन्होंने योजनाओं पर आपत्ति जताई थी उन्हें पद से हटा दिया गया।
‘नागरिक-सैन्य’ संबंधों को लेकर चिंताएं क्यों हैं? – अमेरिकी के विपक्षी नेता, रक्षा विशेषज्ञों और आलोचकों का मानना है कि सेना के पेशेवर नेतृत्व में राजनीतिक आधार पर की गई यह कार्रवाई अमेरिकी इतिहास में लगभग अभूतपूर्व है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
अमेरिका में लोकतांत्रिक परंपरा रही है कि सेना गैर-राजनीतिक रहकर देश के संविधान के प्रति वफादार रहती है न कि किसी विशेष राजनीतिक दल या राष्ट्रपति के प्रति। इस तरह के ‘पर्ज’ यानि सफाई से यह डर पैदा हो गया है कि भविष्य में अधिकारी निष्पक्ष सलाह देने के बजाय राष्ट्रपति को खुश करने वाली बातें कहेंगे।
आलोचकों का कहना है कि एक ‘वॉरियर बोर्ड’ बनाकर जनरलों की समीक्षा करना और उन्हें एक झटके में हटाना रक्षा विभाग के भीतर डर का माहौल पैदा कर रहा है जिससे सेना का स्वतंत्र ढांचा प्रभावित हो रहा है
Home / Uncategorized / अमेरिकी सेना से चुन-चुनकर निकाले जा रहे बड़े अधिकारी, ट्रंप प्रशासन ने 20 से ज्यादा जनरलों को हटाया, जानें क्यों?
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website