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8 अफसर सस्पेंड, FIR, ताबड़तोड़ छापेमारी, जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूल में एंटी नेशनल किताबों को लेकर बवाल


J&K में एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया जब पता चला कि सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी के लिए एक किताब में इस इलाके को भारत के कब्जे वाला कश्मीर (India-occupied Kashmir ) और भारत के नियंत्रण वाला कश्मीर (Indian-held Kashmir) बताया गया था। यहां तक कि प्रतिबंधित JKLF के संस्थापक मकबूल भट को शहीद कहा गया था। विपक्षी BJP ने शिक्षा मंत्री सकीना इटू के इस्तीफ़े की मांग की, किताब पर तुरंत रोक लगाने और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई करने को कहा। वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रशासन ने स्कूल शिक्षा विभाग के आठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया, लेखकों और पब्लिशर्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया, सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी से दो किताबें हटा लीं और उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए।
जिन किताबों पर विवाद हुआ उनमें पहली किताब ‘पर्सनैलिटीज एंड लेजेंड्स ऑफ जम्‍मू-कश्‍मीर’। इसके लेखक हिलाल अहमद और संतोष मीणा हैं। इसे ओबेरॉय बुक सर्विस, जम्मू ने प्रकाशित किया है। दूसरी किताब ‘पर्सनैलिटीज ऑफ जम्मू एंड कश्मीर’, जिसके लेखक डॉ. सुशांत गिरी हैं और इसे अनुराग प्रकाशन, दिल्ली ने प्रकाशित किया है।
कश्मीर पुलिस ने दर्ज किया केस, मारा छापा – जम्मू कश्मीर पुलिस की ‘काउंटर इंटेलीजेंस’ ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। विवादित पुस्तकों में अलगाववादियों का कथित तौर पर महिमामंडन किये जाने के सिलसिले में छापेमारी शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू के काउंटर इंटेलीजेंस पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस की धारा 49 (उकसाना), 61(2) (आपराधिक साजिश), 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालना), 196 (वैमनस्य या अशांति फैलाना) और 353 (गलत बयान, अफवाहें या रिपोर्ट छापना या फैलाना) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके अलावा, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 के तहत भी मामला दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि मामला दर्ज करने के बाद, इकाई ने शहर के बहू प्लाजा में एक प्रकाशक के ठिकानों पर छापेमारी की। उन्होंने कहा कि यह तलाशी अभियान मामले से जुड़ी सामग्री एकत्र करने के लिए चल रही जांच के तहत चलाया गया। अधिकारियों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने छापेमारी के दौरान भौतिक दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए हैं, और अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बीजेपी विधायक सुनील शर्मा ने उठाया सवाल – विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने आरोप लगाया कि केंद्र की ‘समग्र शिक्षा’ योजना के तहत सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी में भेजी गई किताब पर्सनैलिटीज़ एंड लेजेंड्स ऑफ जम्मू एंड कश्मीर एक राष्ट्र-विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि किताब पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। इसे मंजूरी देने, छापने और बांटने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
जेके एलएफ के भट का बताया शहीद – जम्मू में, J&K पीपल्स फोरम ने आरोप लगाया कि किताब में भारत के कब्जे वाला कश्मीर जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, JKLF के भट को शहीद-ए-आजम बताया गया और उन्हें एक महान व्यक्तित्व के तौर पर पेश किया गया। भट को CID इंस्पेक्टर की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद फरवरी 1984 में तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी और वहीं दफनाया गया था। कांग्रेस ने भी उच्च-स्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
क्या बोले अफसर – CM उमर अब्दुल्ला ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। स्कूल शिक्षा आयुक्त सचिव राम निवास शर्मा के अनुसार, ‘समग्र शिक्षा’ के तहत 18,328 सरकारी स्कूलों और 394 PM श्री स्कूलों के लिए लाइब्रेरी ग्रांट मिली थी। उन्होंने कहा कि सही किताबें चुनने के लिए जम्मू और कश्मीर दोनों डिवीजन के विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की चार उप-समितियां बनाई गई थीं। उप-समितियों ने 364 पब्लिशर्स द्वारा जमा की गई 463 किताबों को शॉर्टलिस्ट किया। शर्मा ने शॉर्टलिस्ट करने की तारीख नहीं बताई।
ब्लैकलिस्ट किए गए पब्लिशर्स – बाद में विभाग ने किताबों की जांच की और हिलाल अहमद और संतोष मीना की पर्सनैलिटीज़ एंड लेजेंड्स ऑफ़ J&K और सुशांत गिरी की ग्रेट पर्सनैलिटीज़ ऑफ़ जम्मू एंड कश्मीर में बेहद आपत्तिजनक सामग्री पाई। हालांकि, तब तक पहली किताब की 123 कॉपियां जम्मू, रामबन और उधमपुर के स्कूलों में पहुंच चुकी थीं, जबकि दूसरी किताब की 128 कॉपियां जम्मू और बारामूला में भेजी गई थीं। बाद में दोनों किताबों को वापस ले लिया गया। लेखकों और पब्लिशर्स को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और J&K से उनकी सभी किताबों को हटाने का आदेश दिया गया।
ये अधिकारी सस्पेंड – सस्पेंड अधिकारियों में फजिल इमरान सिद्दीकी, कोऑर्डिनेटर, लाइब्रेरी, समग्र शिक्षा; गुरजीत सिंह, असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर, समग्र शिक्षा; संजीव शर्मा, प्रिंसिपल, जीएचएसएस कोरे पन्नू, कठुआ; और शाजिया कौसर, एकेडमिक ऑफ़िसर, एससीईआरटी, जम्मू शामिल हैं। इम्तियाज अहमद मीर, लेक्चरर, बीएचएसएस, बडगाम; निरंजन शर्मा, लेक्चरर, जीएचएसएस बड़हट, किश्तवाड़, डीआईईटी, जम्मू; रेनू मेंगी, लेक्चरर; और राजमोहिनी, लेक्चरर, जीजीएसएस, पुंछ, शामिल हैं।
आदेश में यह भी कहा गया है कि सस्पेंशन की अवधि के दौरान, वे स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े रहेंगे। इसके अलावा यह आदेश दिया जाता है कि शेख सुहेल अहमद, कंप्यूटर असिस्टेंट (कॉन्ट्रैक्ट पर) को तत्काल प्रभाव से उनके कॉन्ट्रैक्ट से हटा दिया गया है। वे समग्र शिक्षा के लाइब्रेरी कोऑर्डिनेटर की मदद कर रहे थे।