
महिलाओं में सांस फूलना अक्सर एनीमिया या आयरन की कमी से जोड़कर देखा जाता है। वास्तव में एनीमिया में शरीर की ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कम होने के कारण थकान, कमजोरी, चक्कर और सांस फूलने की समस्या हो सकती है। लेकिन लगातार या बढ़ती हुई सांस की परेशानी हमेशा खून की कमी के कारण नहीं होती। कुछ मामलों में यह हृदय संबंधी समस्या का संकेत भी हो सकती है। ऐसे में तुंंरत जांच कराना आवश्यक होता है।
महिलाओं में सांस फूलना एक आम समस्या मानी जाती है। सीढ़ियां चढ़ने, तेज चलने या ज्यादा काम करने के बाद सांस फूलना कई बार सामान्य सा लगता है। ज्यादातर मामलों में आयरन की कमी या एनीमिया होने पर भी शरीर के टिशू तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे थकान और सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है। यही वजह है कि कई महिलाएं सांस फूलने को केवल खून की कमी से जोड़कर देखती हैं। लेकिन हर बार सांस फूलने की वजह एनीमिया नहीं होती। कभी-कभी यह हृदय से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकती है। खासकर जब सांस फूलने के साथ सीने में असहजता, पैरों में सूजन, बहुत कम मेहनत में थकान, दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना या लेटने पर सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें।
मैयोक्लीनिक के अनुसार एनीमिया में शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन की कमी हो सकती है। हीमोग्लोबिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कम होती है, तो व्यक्ति को कमजोरी, थकान, चक्कर और सांस फूलने जैसी शिकायत हो सकती है। गंभीर आयरन की कमी वाले एनीमिया में सीने में दर्द भी हो सकता है। इसलिए अगर किसी महिला की जांच में एनीमिया सामने आता है तो उसका इलाज जरूरी है। लेकिन यदि एनीमिया का इलाज शुरू होने के बाद भी सांस फूलना जारी रहता है, या सांस की परेशानी धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो इसके दूसरे कारणों की जांच भी जरूरी हो सकती है।
सीने में दबाव या असहजता – हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार सांस फूलने के साथ सीने में दबाव, भारीपन, जकड़न या दर्द महसूस होना हृदय संबंधी समस्या का महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। जरूरी नहीं कि हर महिला में दिल की बीमारी होने पर बहुत तेज सीने का दर्द ही हो। कुछ महिलाओं में सांस फूलना, असामान्य थकान, मतली, चक्कर या दूसरे लक्षण ज्यादा प्रमुख हो सकते हैं। इसलिए सांस फूलने के साथ सीने में नया या असामान्य दबाव महसूस हो तो इसे केवल एनीमिया मानकर इंतजार नहीं करना चाहिए।
पैरों या टखनों में बार-बार सूजन को कई महिलाएं लंबे समय तक खड़े रहने, गर्मी या थकान से जोड़ देती हैं। लेकिन यदि सूजन के साथ सांस फूलना भी मौजूद है, तो हृदय की कार्यक्षमता की जांच जरूरी हो सकती है। हृदय की पंपिंग कमजोर होने पर शरीर में तरल पदार्थ जमा हो सकता है। इसका असर पैरों, टखनों या पेट में सूजन के रूप में दिखाई दे सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार हार्ट फेलियर के सामान्य संकेतों में सांस फूलना, पैरों या टखनों में सूजन, थकान और अचानक वजन बढ़ना शामिल हो सकते हैं।
बहुत कम मेहनत में ही थक जाना – ब्रिटिश फाउंडेशन के अनुसार पहले जिस काम को आसानी से कर लेती थीं, उसी काम में अब सांस फूलने लगे या बहुत जल्दी थकान महसूस हो, तो यह ध्यान देने योग्य बदलाव है। उदाहरण के लिए पहले दो-तीन मंजिल सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी नहीं होती थी, लेकिन अब कुछ सीढ़ियां चढ़ने पर ही सांस फूलने लगे या आराम करने की जरूरत पड़ने लगे। यह बदलाव हृदय या फेफड़ों से संबंधित समस्या की ओर संकेत कर सकता है। हालांकि ऐसा एनीमिया में भी हो सकता है, इसलिए कारण की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है।
दिल की धड़कन तेज या अनियमित महसूस होना – मैयोक्लीनिक के अनुसार यदि सांस फूलने के साथ ऐसा महसूस हो कि दिल बहुत तेज धड़क रहा है, धड़कन बीच-बीच में रुक रही है या अचानक जोर से धड़क रहा है, तो इसे भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। धड़कन महसूस होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे तनाव, कैफीन, एनीमिया, थायरॉयड की समस्या या हार्ट रिदम में बदलाव। इसलिए केवल धड़कन महसूस होने से हृदय रोग का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
लेटने पर सांस लेने में परेशानी – क्या बैठने पर सांस सामान्य रहती है लेकिन बिस्तर पर सीधा लेटते ही सांस फूलने लगती है? या रात में अचानक सांस फूलने के कारण नींद खुल जाती है? ऐसे लक्षण हार्ट फेलियर में दिखाई दे सकते हैं। हार्ट फेलियर में शरीर में तरल पदार्थ जमा होने और फेफड़ों में दबाव बढ़ने के कारण लेटने पर सांस की परेशानी बढ़ सकती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार लेटने पर सांस लेने में परेशानी और रात में अचानक गंभीर सांस फूलना हृदय विफलता में दिखाई देने वाले महत्वपूर्ण संकेत हैं।
सांस फूलना एनीमिया का लक्षण हो सकता है, लेकिन हर बार इसकी वजह खून की कमी नहीं होती। यदि सांस फूलने के साथ सीने में असहजता, पैरों में सूजन, बहुत कम मेहनत में थकान, दिल की धड़कन असामान्य महसूस होना या लेटने पर सांस फूलना जैसे संकेत मौजूद हैं, तो हृदय की जांच पर भी विचार करना चाहिए। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच और जरूरत के अनुसार रक्त जांच, ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी या अन्य परीक्षण जरूरी हो सकते हैं। समय पर कारण की पहचान होने से सही उपचार शुरू करने में मदद मिलती है।
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