
नेपाल में बुधवार को अचानक आई बाढ़ से हुई तबाही ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। नेपाल से जो तस्वीरें और वीडियो आ रहे हैं, वह कुदरत के सबसे भयानक रूप के जीते-जागते नमूने हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने मानवता के प्रति चीन की बेरुखी की ओर फिर से दुनिया का ध्यान खींचा है। भारत के लिए सबसे बड़ी गंभीर चिंता की बात ये है कि चीन अरुणाचल प्रदेश के ऊपर भारत-तिब्बत सीमा के पास ही यारलुंग त्सांग्पो नदी (भारत में ब्रह्मपुत्र) पर दुनिया का सबसे विशाल हाइड्रो पावर डैम बना रहा है।
नेपाल में जो प्राकृतिक त्रासदी हुई, उसके बारे अबतक की रिपोर्ट है कि तिब्बत-नेपाल सीमा के पास एक हल्का भूकंप हुआ, जिससे हिमस्खलन हुआ या ग्लेशियर फटा और नेपाल में ज्ञात इतिहास की सबसे भयानक में से एक बाढ़ आई और तबाही मचा दी। एक्सपर्ट का मानना है कि यह सब इसलिए हुआ, क्योंकि हिमालय सबसे युवा, निरंतर बढ़ता हुआ और पूरी तरह से अस्थिर पहाड़ है। साथ ही साथ यह दुनिया का सबसे अधिक संवेदनशील भूकंप-सक्रिय पर्वत श्रृंखला भी है।
हिमालय में भूकंप से नेपाल में आई बाढ़ की तबाही- नेपाली विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बुधवार को संसद में बताया कि अचानक आई बाढ़ की शुरुआती रिपोर्ट भूकंप की ओर इशारा करती हैं, जिसकी वजह से हिमस्खलन हुआ और भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बाढ़ ने तबाही मचा दी।
जिस इलाके में चीन सभी प्राकृतिक खतरों को नजरअंदाज करते हुए इतना विशाल डैम बना रहा है, वह भी तिब्बत के उसी तरह का इलाका है, जो कि भूकंप के नजरिए से दुनिया का बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र है। इसलिए एक्सपर्ट का कहना है कि यह डैम नहीं, बल्कि ‘वॉटर बम’ है।
Home / News / भारत की सीमा पर चीन बना रहा दुनिया का सबसे विशाल डैम, नेपाल में बाढ़ की तबाही से एक्सपर्ट भी कांपे
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