
मोहन भागवत के अमेरिका और कनाडा दौरे को लेकर शुरू हुआ बवाल कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ‘ड्रॉप साइट’ नाम के एक खोजी वेबसाइट ने दावा किया है कि ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स एक्शन’ और ‘सैक्रिड एक्ट्स’ ने बताया है कि अमेरिका के लगभग 100 चुने हुए नेताओं और उम्मीदवारों ने भारत के हिंदू राष्ट्रवादी संगठन RSS से जुड़े चंदे को न लेने का संकल्प लिया है। इन नेताओं में कई चुने हुए सांसद हैं या फिर ऐसे नेता हैं जो आने वाले चुनाव में संभावित उम्मीदवार हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के करीब 100 निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, सांसदों और भावी उम्मीदवारों ने एक विशेष प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर करते हुए आरएसएस और उससे जुड़े हिंदू राष्ट्रवादी संगठनों से मिलने वाले किसी भी प्रकार के राजनीतिक चंदे को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया है। नवभारत टाइम्स इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।
100 अमेरिकी नेताओं ने ठुकराया RSS से जुड़ा चंदा! – ड्रॉप साइट ने बताया है कि फंड और चंदा ठुकराने वाले इन नेताओं में अमेरिकी संसद के कई दिग्गज चेहरे भी शामिल हैं। प्रमुख भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और न्यूयॉर्क से कांग्रेस उम्मीदवार ब्रैड लैंडर ने सार्वजनिक रूप से इस मुहिम का समर्थन किया है। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने एक ‘प्रो-मागा’ अरबपति से मिले 6,600 डॉलर के फंड को यह कहकर वापस दान करने का ऐलान किया कि इस चंदे के तार आरएसएस समर्थित नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह संकल्प RSS प्रमुख मोहन भागवत की उत्तरी अमेरिका यात्रा के समय लिया गया है। विदेशों में धार्मिक उत्पीड़न पर नज़र रखने वाले स्वतंत्र और द्विदलीय आयोग USCIRF ने उनकी यात्रा का विरोध किया और RSS नेताओं पर प्रतिबंध लगाने तथा उनके प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की।
Home / Uncategorized / ‘RSS से जुड़ा पैसा मंजूर नहीं’, मोहन भागवत के दौरे के बीच 100 अमेरिकी नेताओं ने ठुकराया चंदा, सियासी बवाल
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website