
अमेरिकी सेना ने मंगलवार देर रात ईरान के खिलाफ नए हमले किए हैं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बताया कि इन हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों को निशाना बनाया गया। सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हाल ही में हुए हमलों के जवाब में किए गए। इसके जवाब में ईरान ने भी जोरदार पलटवार किया है।
सेंट्रल कमांड ने बाद में एक अन्य बयान में कहा कि उसकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमलों का एक दौर पूरा कर लिया है। इन हमलों में IRGC के ठिकानों को निशाना बनाया गया जिनमें एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री एसेट्स और सुविधाएं, माइन बिछाने की क्षमताएं और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल थीं।
ईरान ने जॉर्डन पर दागीं 13 मिसाइलें – अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने देरी न करते हुए पलटवार किया है और मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। जॉर्डन के मफराक और अकाबा प्रांतों में चेतावनी वाले सायरन बजाए गए हैं। जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने ईरान से दागी गई 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया, जबकि तीन अन्य मिसाइलें दूर-दराज के इलाकों में गिरीं।
जॉर्डन की सेना ने एक बयान में कहा, जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुईं 13 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका। इनमें से 10 को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया, जबकि 3 मिसाइलों आबादी से दूर सुनसान जगहों पर गिरीं। सेना ने बताया कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
कुवैत और बहरीन पर भी हमले – जॉर्डन में अमेरिकी बेस को निशाना बनाकर किए गए हमले के बाद कुवैत और बहरीन ने भी ईरान के ड्रोन हमलों की जानकारी दी है। कुवैत और बहरीन के अधिकारियों ने ईरान की ओर से हो रहे ड्रोन हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिवेट करने की जानकारी दी। ईरान उन देशों में हमले कर रहा है, जहां अमेरिकी बेस हैं। बहरीन में अमेरिका की पांचवीं फ्लीट का मुख्यालय स्थित है।
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