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‘मेरे लिए पापा को माफ करना मुश्किल है’, आखिर पिता से ऐसी क्या भूल हुई कि बेटी ने कह दी इतनी बड़ी बात?


एक बेटी ने अपने दिल की बात साझा करते हुए कहा कि उसके लिए अपने पिता को माफ करना बहुत मुश्किल है। बेटी ने इसकी जो वजह बताई, उसे जानकर सिर्फ पिता ही नहीं, बल्कि कई पेरेंट्स भी सोचने पर मजबूर हो सकते हैं। आखिर पिता से ऐसी क्या भूल हुई, जिसका दर्द बेटी आज तक अपने दिल में लिए हुए है? आइए जानते हैं।
बच्चों की अपने पेरेंट्स से नाराजगी आम बात है, लेकिन कई बार यह नाराजगी इतनी बढ़ जाती है कि बच्चे किसी बात को दिल से लगा बैठते हैं और उसे भुला नहीं पाते। इसका असर उनके मन पर सालों तक बना रह सकता है। ऐसा ही कुछ एक बेटी के साथ हुआ, जो आज भी अपने पिता से जुड़ी एक बात को भुला नहीं पाई है। इसी वजह से वह कहती है कि उसके लिए अपने पिता को माफ करना मुश्किल है। आखिर क्या है इसकी वजह, आइए जानते हैं।
मेरे ल‍िए प‍िता को माफ करना बहुत मुश्‍क‍िल है – सोशल मीड‍िया पर जारी वीड‍ियो में सुहानी ग्रेवाल का कहना है कि अपने पापा को माफ कर पाना बहुत मुश्किल है। यह सोचकर बुरा लगता है कि मेरी जिंदगी में अब तक जितने भी मेडल और सर्टिफिकेट हैं, मैंने जो भी अचीव किया है, उन सबमें पापा का नाम आता है। मगर असल में उन्होंने मेरी इन अचीवमेंट्स को हासिल करने में कभी भी मेरी मदद नहीं की। इन्हें हासिल करने में जिस इंसान ने सबसे ज्यादा मदद की, वो मेरी मां थीं। लेकिन उनका नाम कहीं नहीं आता है। Image-magnific
प‍िता का प्‍यार क‍िसी और से म‍िलना असंभव – मैं सोचती रही कि शायद बाप का प्यार कहीं और भी मिल जाएगा, लेकिन मैं गलत थी। ऐसा इसलिए, क्योंकि एक पिता का प्यार इस दुनिया में बहुत खास होता है और वह किसी और से नहीं मिल सकता। अब मुझसे लोग कहते हैं कि भूल जाओ, पिता को माफ कर दो। अगर वो अब बदलना नहीं चाहते हैं, तो तुम क्या करोगी?
मैं नहीं भूल सकती हूं यह बातें – मैं सोचती रही कि शायद बाप का प्यार कहीं और भी मिल जाएगा, लेकिन मैं गलत थी। ऐसा इसलिए, क्योंकि एक पिता का प्यार इस दुनिया में बहुत खास होता है और वह किसी और से नहीं मिल सकता। अब मुझसे लोग कहते हैं कि भूल जाओ, पिता को माफ कर दो। अगर वो अब बदलना नहीं चाहते हैं, तो तुम क्या करोगी?
बच्‍चे के मन में घेर सकती हैं ऐसी भावनाएं – यूं तो सुहानी की ये उनकी निजी भावनाएं हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पिता बचपन में बच्चे को पर्याप्त समय और भावनात्मक सहारा नहीं दे पाते। इसका असर बच्चे के मन पर लंबे समय तक रह सकता है। बच्चे के लिए पिता का सिर्फ आर्थिक रूप से जिम्मेदार होना ही काफी नहीं होता, बल्कि मुश्किल समय में उनका साथ, हौसला और भावनात्मक सपोर्ट भी उतना ही जरूरी होता है। बचपन में जब बच्चे को इन चीजों की कमी महसूस होती है, तो बड़े होने के बाद भी उसके मन में पिता को लेकर नाराजगी, दूरी या एक अधूरेपन का एहसास बना रह सकता है।
इसीलिए पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों को पर्याप्त समय दें और उनकी भावनाओं को समझें, ताकि बच्चे खुद को अकेला या अनदेखा महसूस न करें और उनके मन में किसी तरह की नाराजगी न पनपे।