
सेंट पीटर्सबर्ग: भारत और रूस ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देते हुए आज कुडानकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में दो और इकाइयां स्थापित करने और भारत से कीमती रत्नों तथा आभूषणों का निर्यात बढ़ाने समेत पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों पर प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।
इनमें कुडानकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में तीसरे चरण के दौरान पांचवीं और छठी इकाई के निर्माण के लिए समझौता, भारत से रूस को कीमती रत्नों एवं आभूषणों का निर्यात बढ़ाने के अलावा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदन-प्रदान बढ़ाने, नागपुर-सिकंदराबाद सेक्शन पर तीव्र गति की रेल सेवा के संबंध में समझौता और पारंपरिक ज्ञान की भारतीय डिजिटल लाइब्रेरी में रूसी विशेषज्ञों पहुंच सुनिश्चित करने का समझौता शामिल है।
दोनो पक्षों के ठोस प्रयासों से हासिल हुई उल्लेखनीय प्रगति
मोदी और पुतिन ने बैठक के बाद‘21वीं सदी के लिए दृष्टिकोण शीर्षक से जारी संयुक्त घोषणा में कहा गया है कि दोनों पक्षों के ठोस प्रयासों से परमाणु ऊर्जा भागीदारी में उल्लेखनीय उपलब्धियोँ हासिल हुई हैं। जिनमें कुडानकुलम में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में प्रगति तथा उसे भारत के सबसे बड़े ऊर्जा स्थल के रूप में विकसित करना शामिल है। इसमें कहा गया है कि दोनों पक्ष परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए सहयोग बढ़ाने के रणनीति दृष्टिकोण पत्र पर अमल करते रहेंगे जिस पर दिसंबर 2014 में हस्ताक्षर किए गए थे।
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