
आतंकी उमर सईद शेख की जिंदगी पर आधारित फिल्म ‘ओमेर्टा’ के फिल्मकार हंसल मेहता का कहना है कि वह जानते हैं कि उनकी फिल्म का सेंसर बोर्ड से गुजरना आसान नहीं होगा। हंसल मेहता पहले भी अपनी फिल्मों को लेकर सेंसर बोर्ड से दो-दो हाथ कर चुके हैं। वह ‘ओमेर्टा’ में छेड़छाड़ नहीं किए जाने को लेकर सेंसर बोर्ड से जूझने के लिए तैयार थे। इससे पहले एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह एक भी कट लगाने की इजाजत नहीं देंगे।
हालांकि, फिल्म सिर्फ एक प्रमुख कट लाने का आदेश दिया गया। यह उस सीन में में है जब शेख (राजकुमार राव) जेल में पेशाब कर रहा है और उस दौरान बाहर भारत का राष्ट्रगान बज रहा है। सेंसर बोर्ड ने इस आपत्तिजनक दृश्य से राष्ट्र गान को हटाने के लिए कहा है। फिल्म ‘ओमेर्टा’ के निर्माता फुरकान खान ने कहा, “हमें फिल्म के इस दृश्य से राष्ट्रगान को हटाने के लिए कहा गया है और इसकी जगह पर बैंकग्राउंड संगीत को रखने के लिए कहा गया है। हमने खुशी से इसका पालन किया और फिल्म को ए प्रमाणपत्र मिला, जिसकी फिल्म हकदार है।”
बता दें हंसल मेहता की यह फिल्म 4 मई को रिलीज होने वाली है। जिसकी पूरी कहानी आतंकी हमलों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आएगी, जिसमें 9/11 के हमले, मुंबई हमला और अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की बेरहमी से की गई हत्या की घटना शामिल है।
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