
हिंदू धर्म में जितना महत्व नवरात्र का है उतना गुप्त नवरात्र का भी है। इस दौरान दस महाविद्याओं की पूजा करी जाती है। तांत्रिक सिद्धियों को पाने के लिए तो ये 9 दिन बहुत खास हैं। काली मां की आराधना विशेष रूप से की जाती है। कहते हैं मां के इस स्वरूप की गुप्त रूप से पूजा करनी चाहिए। गुप्त नवरात्र का आरंभ आषाढ़ महीने की प्रतिपदा तिथि से होता है, 2018 में यह 13 जुलाई से लेकर 21 जुलाई तक रहेंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं के द्वारा व्रत-उपवास किया जाता है और कुछ खास नियमों को भी फॉलो किया जाता है।
चमड़े की चीजों को यूज न करें।
लोभ, क्रोध, मोह, काम-वासना से दूर रहें।
बाल नहीं कटाने चाहिए।
नाखून नहीं काटने चाहिए।
छोटे बच्चों का मुंडन संस्कार नहीं करवाना चाहिए।
काले रंग के कपड़े न पहनें।
दिन में सोना नहीं चाहिए (यह नियम छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, रोगियों और बुजुर्गों पर लागू नहीं होता)।
विशेष- भोग-ऐश्वर्य और धन-दौलत के चाहवान व्यक्ति इन नियमों का पालन करने के साथ-साथ दुर्गासप्तशती का पाठ करें। संभव न हो तो सप्तश्लोकी का पाठ कर सकते हैं। कंजक पूजन से मां बहुत जल्दी प्रसन्न होती हैं। यथाशक्ति छोटी कन्याओं को खुश करें और उनका आशीर्वाद लें।
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