
सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित हैं। यदि उस रोज उनकी उपासना की जाए तो शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आपने अक्सर सुना होगा बुध काम शुद्ध यानि जो काम बुधवार से आरंभ किया जाए उसके पूरा होने में कोई संदेह बाकी नहीं रह जाता। बुधवार को प्रथम पूज्य गणेश और बुध ग्रह का विशेष पूजन किया जाना चाहिए। जिन जातको की कुंडली में बुध ग्रह अशुभ प्रभाव दे रहे हैं, उनके लिए गणेश पूजन हर संकट का अंत करने वाला रहेगा।
धन संबंधित किसी भी समस्या का निदान करना हो या गृह क्लेश से छुटकारा पाना बुधवार का व्रत सबसे सरल और उत्तम उपायों में से एक है। कहते हैं जिन जातको ने बुधवार का व्रत करना हो उन्हें अंधेरी रातों यानी कृष्ण पक्ष में यह शुरू नहीं करना चाहिए। शुक्ल पक्ष यानि चांदनी रातों में ही व्रत का आरंभ करना चाहिए। शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार से इसे आरंभ किया जा सकता है। कम से कम 21 बुधवार तक और अधिक से अधिक 41 बुधवार तक यह किया जा सकता है।
इस व्रत में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। बुधवार को घर में हरी मूंग की दाल बनाएं। मूंग की दाल की पंजीरी या हलवा बुध देवता को भोग लगाएं। पहले ये चीज़े बांटे, फिर स्वयं प्रसाद ग्रहण करें।
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