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शास्त्रों के मुताबिक ये काम भूलकर भी न करें वरना मुश्किल में पड़ सकते हैं आप


शास्त्रों में सुखी जीवन जीने के लिए बहुत सी बातें बताई गई हैं। जिसको अपने जीवन में उतार लेने से व्यक्ति का जीवन सुखमय व्यतीत होता है। लेकिन ठीक ऐसे ही हमारे शास्त्रों में कुछ ऐसे काम है जिनको करने की मनाही बताई गई है। कहा जाता है कि अगर व्यक्ति के आस-पास सकरात्मक शक्तियां हो तो उसके दिमाग पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। जबकि नकरात्मक शक्ति होने पर उसे जाने-अनजाने में ही बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार व्यक्ति अपने पूरे दिन में बहुत से ऐसे काम कर देता है जिससे कि उस पर बुरी शक्तियां हावी होने लग जाती हैं। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं उन कामों के बारे में जिसे हमारे शास्त्रों में करने की मनाही बताई गई है।
हमारे शास्त्र कहते हैं कि रात के समय बुरी शक्तियां सबसे ज्यादा प्रभावित होती हैं। इसलिए रात के समय कोई परफ्यूम या इत्र का उपयोग नहीं करना चाहिए। खासकर के रात के टाइम कहीं बाहर जाते वक्त, इन चीजों से बुरी शक्तियां जल्दी आकर्षित होने लगती हैं।

कहा जाता है कि गर्भवती महिलाओं को रात के समय किसी सुनसान रास्ते या चौराहे पर नहीं जाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसी जगहों पर भी बुरी शक्तियां ज्यादा तेज़ होती हैं।
अगर कोई व्यक्ति कभी किसी की शवयात्रा से लौटे तो उसे कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए और घर में दाखिल होने से पहले स्नान जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से बुरी ताकतें दूर रहती हैं।

किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित इंसान और कमजोर आत्मबल वाले व्यक्ति से दूर रहने में ही भलाई है क्योंकि ऐसे व्यक्ति से बुरी शक्तियां जल्दी आकर्षित होती हैं।

शास्त्रों में बताया गया है कि किसी बुरे चरित्र वाले इंसान के साथ एक जगह पर सोना, खाना-पीना, घूमना-फिरना भी नहीं चाहिए। क्योंकि ऐसा करने पर एक-दूसरे के गुण और दोष आपस में मिलने लग जाते हैं।
सूर्य और चंद्र को अस्त होते समय नहीं देखना चाहिए। यह अपशकुन माना गया है। ऐसा करने पर आंखों से संबंधित रोग होने की संभावनाएं रहती हैं। लेकिन सूर्य को उदय होते समय देखना अच्छा माना गया है। इसलिए शास्त्रों में सुबह जल्दी उठने की प्राचीन परंपरा बताई गई है।
शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी परिस्थिति में माता-पिता, पुत्र, पुत्री, पतिव्रता पत्नी, श्रेष्ठ पति, गुरु, बहन-भाई, देवी-देवता और ज्ञानी लोगों का अनादर नहीं करना चाहिए। इन लोगों का अपमान करने वाले व्यक्ति के घर से महालक्ष्मी रूठ कर चली जाती हैं।