
रूस में एक अपराधी फर्जी डाक्टर की गिरफ्तारी का मामला सामने आया है। इस व्यक्ति को फर्जी दस्तावेजों के साथ 10 साल से एक अस्पताल में डॉक्टर का काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि बचपन में आरोपी ने हाईस्कूल के अपने क्लासमेट की हत्या की थी और उसका खून पिया था। अब वह पिछले 10 साल से फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक अस्पताल में साइकियाट्रिक (मनोरोग विशेषज्ञ) के रूप में काम कर रहा था।
जांच कर्ताओं ने मीडिया को बताया कि अब 36 साल का हो चुका आरोपी बोरिस कोंड्राशिन चेल्याबिंस्क के यूरल्स शहर में पिछले कई वर्षों से बतौर डॉक्टर काम कर रहा था। पिछले साल नवंबर में उसके खिलाफ फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने की एफआईआर दर्ज की गई थी। स्थानीय मीडिया में छपी खबरों के अनुसार, आरोपी शख्स जब 16 साल का था तब अपने एक सहपाठी को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके शरीर को काट डाला था और फिर उसका खून पी गया था। स्थानीय समाचार वेबसाइट Znak.com के अनुसार कोंड्राशिन खुद को एक रक्त पिपासु इंसान मानता है।
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