
ऑस्ट्रेलिया का विक्टोरिया प्रांत अब देश का ऐसा पहला राज्य हो गया है जहां पर इच्छामृत्यु को वैधानिक दर्जा दे दिया गया है। असाध्य बीमारी से पीड़ित अब कानूनी रूप से अपने डाक्टर से जानलेवा दवा देकर उनका जीवन खत्म करने को कह सकते हैं।
यह कानून बुधवार से अमल से आ जाएगा। इसके दायरे में न ठीक हो सकने वाली बीमारी से ग्रस्त ऐसे वयस्क, जिनका जीवन छह महीने ही शेष है या तंत्रिकातंत्र के विकार से जूझ रहे ऐसे मरीज जिनकी करीब 12 महीने की ही जिंदगी बची है, आते हैं। वे अपने डॉक्टर से इच्छामृत्यु देने की गुजारिश कर सकते हैं लेकिन उन्हें 68 दूसरे पैमानों पर भी खरा उतरना होगा।
राज्य के प्रधानमंत्री डेनियल एंड्रयू ने इस नए कानून को दया के आधार पर बना बताया। उन्होंने कहा कि करीब 120 डॉक्टरों को इसे लेकर प्रशिक्षित किया जा चुका है या फिर उन्हें इस तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विक्टोरिया की स्वास्थ्य मंत्री जेनी मिकाकोस ने कहा कि यह दिन उन मरीजों और उनके परिजनों को समर्पित है जो लंबे समय से गहरी तकलीफ से जूझ रहे हैं और इस बदलाव के इंतजार में हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस प्रावधान को लेकर अबतक 100 लोग पूछताछ भी कर चुके हैं।
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