
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बेहद खस्ता हालात से गुजर रही है। देश पर पड़े इस आर्थिक संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान कई तरह की कटौतियों में लगा हुआ है हालांकि उसने अपने रक्षा बजट में कोई कटौती नहीं की है। पाकिस्तान की संसद ने वीरवार को सर्वसम्मति से अगले वित्त वर्ष (2019-20) के लिये 1,152 अरब रुपये के रक्षा बजट को मंजूरी दे दी।
संघीय राजस्व मत्री हम्माद अजहर ने 11 जून को बजट पेश किया था, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि रक्षा क्षेत्र के लिये बजटीय आवंटन पिछले साल के समान ही किया गया है। बजट दस्तावेज यह दर्शाता है कि सरकार ने इसमें 4.5 फीसदी का मामूली इजाफा किया है। खबर आई थी कि इमरान खान सरकार रक्षा बजट में कटौती कर देश की मदद करेगी। अंतर-सेवा सार्वजनिक संबंध (ISPR)ने ये घोषणा की थी कि इस साल का रक्षा बजट पिछले साल के समान ही रखा जाएगा।
पाक सेना की इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने भी कहा था कि एक वर्ष के लिए रक्षा बजट में स्वैच्छिक कटौती सुरक्षा की कीमत पर नहीं होगी। हम सभी प्रकार के खतरों के जवाब में प्रभावशाली प्रतिक्रिया देते रहेंगे। तीनों सेवाएं उचित आंतरिक कदमों से कटौती के प्रभाव का प्रबंधन करेंगी। कबायली इलाकों और बलूचिस्तान के विकास में भागीदारी करना महत्वपूर्ण है।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website