
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने परमाणु अनुसंधान और विकास पर लगाई सभी सीमाओं को हटाने का बुधवार को आदेश दिया। यह विश्व शक्तियों के साथ 2015 में किए समझौते की अपनी प्रतिबद्धताओं के खिलाफ उसका तीसरा कदम है। रुहानी की इस घोषणा से पहले ही अमेरिका ने इस्लामिक देश पर और प्रतिबंध लागू कर दिए। यह ईरान से तेल खरीदने पर रोक समेत कड़े प्रतिबंधों की दिशा में अमेरिका का ताजा कदम है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल मई में इस समझौते से अलग होने की घोषणा की थी जिसके बाद से ईरान और तीन यूरोपीय देश ब्रिटेन, फ्रांस तथा जर्मनी परमाणु समझौता बचाने और तनाव कम करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। लेकिन बुधवार देर शाम रूहानी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों और जर्मनी के साथ किए समझौते से दूर जाने की दिशा में एक और कदम उठाया।
उन्होंने सरकारी टेलीविजन पर कहा, ‘‘मैं तीसरे कदम की घोषणा करता हूं।” रूहानी ने कहा, ‘‘ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन को अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में जो भी जरूरी हो, उसे तत्काल शुरू करने का आदेश दिया जाता है।” ईरान ने जुलाई में दो और परमाणु प्रतिबद्धताएं तोड़ी थीं जिनमें संवर्धित यूरेनियम का भंडार 300 किलोग्राम से कम रखना और यूरेनियम का संवर्धन 3.67 प्रतिशत तक करना शामिल था। रूहानी ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में कहा था, ‘‘मुझे नहीं लगता कि हम किसी समझौते पर पहुंचेंगे।”
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