
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा बुधवार को ईरान के साथ तनाव कम करने का संकेत देने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई। न्यूयॉर्क में कच्चे तेल की कीमत में 4.6% की गिरावट आई है। ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद तेहरान ने प्रतिशोधस्वरूप इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइलों से हमला किया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि इराक में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले में किसी भी अमेरिकी को नुकसान नहीं पहुंचा है। उन्होंने साथ में ईरानी नेतृत्व को शांति की पेशकश की जिसे पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए अहम कदम माना जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमले के बाद ईरान ने अपने हथियार डाल दिए हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को मध्यपूर्व देशों के तेल की जरूरत नहीं है।
ट्रंप के बयान के बाद वेस्टर्न टेक्सास इंटरमीडियट (WTI) क्रूड ऑइल की कीमत गिरकर प्रति बैरल 60 डॉलर के दायरे में आ गई। ट्रंप के बयान जारी करने से पहले भी डब्ल्यूटीआई में गिरावट देखी जा रही थी। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.7% की गिरावट के साथ प्रति बैरल 65.78 डॉलर पर पहुंच गया।
वहीं, केंद्रीय तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश में तेल का कोई ‘संकट नहीं’ है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे ज्यादा ईंधन खपत करने वाला देश है।
इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरान के हवाई हमले के बाद कच्चे तेल की कीमत बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर 72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई थी। हालांकि, जब ये अटकलें सामने आईं कि ईरान अपने शीर्ष जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर अब और हमले नहीं करेगा, उसके बाद तेल की कीमतों में आई बढ़ोतरी का सिलसिला थम गया।
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