
अफगानिस्तान सरकार की ओर से शांति वार्ता के लिए बनाई गई एक टीम से बात करने से तालिबान ने साफ इनकार कर दिया है। अमेरिका से पिछले महीने किए गए समझौते के बाद यह टीम बनाई गई थी।
तालिबान ने शनिवार को अफगानिस्तान सरकार की ओर से शांति समझौते के लिए बनाई गई टीम से बात करने से इनकार कर दिया। अफगान सरकार ने 18 साल से चले आ रहे विवाद को खत्म करने के लिए इस टीम का गठन किया था। कई महीनों के बाद शुक्रवार को सरकार ने 21 सदस्यों की टीम का ऐलान किया था, जिसमें 5 महिलाएं भी थीं। इससे पहले तालिबान ने राष्ट्रपति अशरफ गनी से मिलने इनकार कर दिया था और उन्हें अमेरिका का मोहरा बताया था।
टीम से नाखुश
अमेरिका के नेतृत्व में शांति वार्ता के लिए दोनों विपक्षी पार्टियों को एक साथ लाने की कोशिश में यह टीम बनाई गई थी लेकिन तालिबान ने एक बयान में कहा कि सरकार ने सही टीम नहीं बनाई है। बयान में कहा गया, ‘हम सिर्फ ऐसी टीम से बात करेंगे जो हमारे समझौते को माने और पहले से दिए गए निर्देशों के हिसाब से गठित की गई हो। सच्ची और लंबे वक्त तक चलने वाली शांति के लिए एक टीम बनानी चाहिए जिस पर हर अफगानी पक्ष की सहमति हो।’
पिछले महीने अमेरिका से समझौता
बयान में कहा गया कि अफगान के अंदर चल रही बातचीत में ज्यादातर ने टीम को खारिज कर दिया। अमेरिका ओर तालिबान के बीच पिछले महीने साइन किए गए समझौते के तहत उग्रवादियों को अफगान सरकार से बात करनी होगी और युद्धविराम पर चर्चा करनी होगी। इसके बदले में अमेरिका और विदेशी फोर्सेज अफगानिस्तान से अगले 14 महीने में चले जाएंगे।
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