
अमेरिका में कोरोना वायरस के कहर के बीच चिकित्सा जगत का एक चमत्कारिक मामला सामने आया है। यहां 27 साल की एंजेला प्रमाचेन्को नामक 34 सप्ताह की गर्भवती ने कोरोनो के खिलाफ जगं लड़ते हुए कोमा में स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है। एंजेला प्रमाचेन्को 33 सप्ताह की गर्भवती थी जब उसे उसे बुखार और अन्य लक्षण दिखे। 24 मार्च को COVID-19 के लिए परीक्षण किया गया तो उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
इसके बाद उसे 26 मार्च को अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। ओरेगन के पोर्टलैंड के उपनगर वैंकूवर की रहने वाली एंजेला की हालत कोरोना टेस्ट के आठ दिन बाद बहुत बिगड़ गई और वह कोमा में चली गई । वेंटिलेटर पर वह गर्भ में अपने बच्चे के साथ कोरना के साथ जीवन की लड़ाई लड़ रहे थी। एंजेला ने कोमा के दौरान क्रीक मेडिकल सेंटर में डॉक्टरों की देखरेख में बेटी को जन्म दिया। प्रसव के 5 दिन बाद जब उसे होश आया तो वह अपनी बेटी को देखकर हैरान थी। एंजेला ने मीडिया से बातचीत दौरान कहा यह वास्तव में एक चमत्कार है”। एंजेला के अनुसार सबसे बड़ी बात यह कि “यह भावनात्मक रूप से अविश्वसनीय था,” उसे समझ में ही नहीं आया कि पिछले 10 दिनों में उसके साथ क्या हुआ।”
डिलीवरी के बाद एंजेला को अस्पताल स्टाफ ने तालियां बजा कर इस जंग को जीतने और बच्ची के सकुशल जन्म की बधाई दी। उसने कहा कि यह उसके परिवार की दुआओं व प्यार का ही असर है कि वह और उसकी बेटी कोरोना के बीच भी मौत से जंग जीत गईं। बता दें कि कोरोना सबसे अधिक कहर इस समय अमेरिका में है जहां आज 24 घंटे में 2,407 लोगों ने दम तोड़ा दिया जिसके बाद यहा मृतकों का कुल आंकड़ा 26 हजार 47 हो गया है । यहां संक्रमण के 26 हजार 945 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 6 लाख 13 हजार 886 हो गई है।
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