
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने WHO से Coronavirus को लेकर 3 बड़े सवाल किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि ताइवान के हेल्थ ऑफिसरों ने पहले ही इंसानों में इन्फेक्शन फैलने की संभावना जताई थी लेकिन WHO ने उसे नजरअंदाज कर दिया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) पर हमला बोला है। ट्रंप ने WHO पर गंभीर आरोप लगाते हुए 3 सवाल किए हैं। उन्होंने एक पत्रकार के हवाले से आरोप लगाया है कि दिसंबर में ही WHO को ताइवान की ओर से जानकारी मिली थी कि कोरोना इंसानों के बीच फैल सकता है। लेकिन, WHO ने न केवल इसे नजरअंदाज कर दिया बल्कि दुनिया को गलत और भ्रामक जानकारी दी। अमेरिका में अब तक कोरोना के कारण 34,723 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 6,80,541 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।
WHO से किए 3 सवाल
फॉक्स न्यूज के जर्नलिस्ट लान्ही चेन के सवालों को दोहराते हुए ट्रंप ने ट्वीट किया है कि WHO ने दिसंबर में ताइवान के स्वास्थ्य अधिकारियों के ईमेल को नजरअंदाज क्यों किया जिसमें उन्होंने कोरोना वायरस के इंसानों से इन्फेक्शन फैलने की संभावना के बारे में जानकारी दी थी? उन्होंने यह भी सवाल किया कि जनवरी और फरवरी में WHO ने ऐसे दावे क्यों किए जो या तो गलत थे या भ्रामक थे वायरस दुनियाभर में फैल रहा था? ट्रंप ने यह भी पूछा कि इस सबकी जानकारी के बावजूद WHO ने निर्णायक फैसला लेने के लिए इतना लंबा इंतजार क्यों किया?
WHO पर सवाल करता रहा है US
अमेरिका शुरुआत से ही चीन और WHO से सवाल कर रहा है कि आखिर इस महामारी से निपटने में चूक कैसे हुई? ट्रंप ने WHO के ऊपर यह आरोप भी लगाया है कि उसने चीन को लेकर पक्षपात किया है। उन्होंने कहा था कि WHO ने ही इसे बवंडर बना दिया और अमेरिका को गलत सलाह भी दी। अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भी कहा था कि चीन नहीं चाहता था कि दुनिया को इस वायरस के बारे में पता चले और WHO ने इसमें चीन का साथ दिया।
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