
Kim Jong-UN: उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन की सेहत को लेकर पिछले कुछ दिनों से कई तरह की खबरें चल रही हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य सही जानकारी जुटाना खुफिया एजेंसियों के लिए भी मुश्किल है
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन लंबे समय से पब्लिक में नजर नहीं आए हैं जिसने उनके खराब स्वास्थ्य और यहां तक कि मौत की अफवाहें शुरू कर दींं। वहीं, एक बेहद आधारभूत सवाल जिनका जवाब मीडिया और खुफिया एजेंसियों को नहीं मिल पाया है वह यह कि क्या अफवाहे सच में सही हैं? दरअसल, किम की सेहत की वास्तविक स्थिति जाननी इसलिए भी जरूरी है क्योंकि यह उत्तर कोरिया में सरकार की स्थिरता और परमाणु हथियारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा जिसके पड़ोसी मुल्कों और अमेरिका के खिलाफ इस्तेमाल की धमकी यह देश देता रहा है।
उत्तर कोरिया पर खुफिया एजेंसियां भी पस्त
दुनिया के संभवतः सबसे गुप्त और संदिग्ध गतिविधियों वाले देश को लेकर खुफिया जानकारी इकट्ठा करना बेहद कठिन है। और उत्तर कोरिया की सेना या सुरक्षाकर्मियों के पास भी किम के स्वास्थ्य की जानकारी नहीं है क्योंकि यह सिर्फ उनकी ताकतवर बहन किम यो-जोंग सहित कुछ शीर्ष लोगों के साथ शेयर की जाती है।
किम पर जानकारी न होना दक्षिण कोरिया की नाकामी?
उत्तर कोरिया को लेकर जहां खुफिया जानकारी मिलना लगभग नामुमकिन हैं, वहीं दक्षिण कोरिया में इसको लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। दक्षिण कोरिया की मौजूदा लिबरल सरकार के समर्थक हमेशा से ही कोरियाई देशों के बीच मेलमिलाप चाहते थे, वे पूर्ववर्ती कंजरवेटिव की आलोचना करते रहे हैं, जब उनके शासनकाल में उत्तर कोरिया की परमाणु महत्वाकांक्षा को देखते हुए कूटनीतिक संबंधों, सरकारी और बिजनस लीडर्स के आने-जाने पर रोक लगा दी गई थी। लिबरल समर्थक कहते हैं कि उनकी नीति के कारण ही उत्तर कोरिया के बारे में खुफिया जानकारी जुटाना मुश्किल हो गया है। वहीं, कंजरवेटिव ये आरोप लगाते हैं कि उसने कोरियाई देशों के बीच फिर से मेलमिलाप कर जासूसी की संभावन कम कर दी है।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरियाई सरकार बार-बार कह किम की सेहत से जुड़ी खबरों का खंडन कर रही है। इसने कहा है कि किम की सेहत बिल्कुल ठीक है और उत्तर कोरिया में किसी भी तरह की असामान्य गतिविधि नहीं देखी गई है। बिना अपने स्रोत का जिक्र किए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि हमारा मानना है कि किम सामान्य तरीके से शासन कर रहे हैं और वे राजधानी प्योंगयांग से बाहर किसी अज्ञात स्थान पर हैं।
किम पड़े बीमारी तो US पैदा करेगा अस्थिरता?
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण कोरिया, क्षेत्रीय पड़ोसी और सहयोगी अमेरिका, उत्तर कोरिया में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर सकता है अगर किम बीमार हुए या उनकी मौत हो गई। इस दौरान उत्तर कोरिया के रिफ्यूजी दक्षिण कोरिया या चीन पलायन कर सकते हैं। सैनिकों का परमाणु हथियारों पर पकड़ कमजोर पड़ सकता है।
सोल स्थित कोरिया यूनिवर्सिटी में उत्तर कोरिया मामले के विशेषज्ञ नैम सुंग वुक कहते हैं कि ये हालांकि सबसे बुरी स्थिति में हो सकता है। उसके लिए तैयारी कठिन हैं क्योंकि किसी को नहीं पता कि उत्तर कोरिया में चल क्या रहा है। किम के ठीक होने की बात कहने की जगह हमारी सरकार को बुरी स्थिति के लिए तैयारी करनी चाहिए। वुक दक्षिण कोरिया की स्पाई एजेंसी से जुड़े एक थिंक टैंक के पूर्व निदेशक रहे हैं।
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