
कोरोना वायरस ‘कोविड-19′ के दुनिया भर में 100 अलग-अलग टीकों के विकास पर काम चल रहा है जिनमें सात का इंसानों पर परीक्षण शुरू हो चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि इन 100 टीकों में से कुछ कोविड-19 के लिए सुरक्षित और प्रभावशाली साबित होंगे।
स्वामीनाथन ने कहा कि यह सभी देशों के हित में है कि वे मिलकर काम करें क्योंकि हमें नहीं मालूम कि कौन सा टीका सफल होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी जगह, सभी देशों में लोगों को टीका उपलब्ध हो। डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि डब्लूएचओ विशेषज्ञों के अपने नेटवर्क और समूहों के साथ मिलकर काम करता है। विशेषज्ञों के नेटवर्क ने जनवरी में ही कोविड-19 की जाँच, दवा और टीके पर काम करना शुरू कर दिया था।
ये एक्सर्पट पूरी दुनिया से होते हैं। इस समय करीब 1000 एक्सपर्ट संगठन से जुड़े हुए हैं जो टीकों के जंतु मॉडल, नये टीके की वांछित विशेषताओं और दवा तथा टीके के क्लिनीकल ट्रायल के डिजाइन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 का उपचार खोजने के लिए डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में शुरू किये गये ‘सॉलिडेरिटी ट्रायल’ के लिए 11 देशों में लोगों को पंजीकृत किया गया है।
अब तक 1,600 मरीज इसमें पंजीकृत हो चुके हैं और कई देशों में तेजी से मरीजों के पंजीकरण करने की उम्मीद है। सौ से अधिक देशों ने इसमें अपनी रुचि दिखाई है और इससे जुड़ने की प्रक्रिया में हैं। इससे पता चलता है कि यह सही मायने में वैश्विक ट्रायल है।
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