
कोरोना वायरस (Coronavirus ) के कहर से पूरी दुनिया बेहाल है। हालत यह है कि यूरोप (Coronavirus in Europe) में अस्पताल जाने वाला हर तीन में से एक मरीज लौटकर नहीं आया। अमेरिका (Covid-19 in USA) के न्यूयॉर्क शहर (New York) में 100 लाशें लावारिश मिली हैं। इस महामारी से अब तक दुनिया में दो लाख 34 हजार लोग मारे गए हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले हर तीन में से एक मरीज की मौत हो रही है। इनमें आधे से अधिक वेंटिलेटर पर जाने वाले मरीजों की मौत हो रही है। शोधकर्ताओं में ब्रिटेन में भर्ती होने वाले 17 हजार से अधिक मरीजों के अध्ययन के आधार पर यह आकलन किया है। इसके अनुसार, हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले 33 फीसदी कोरोना मरीजों की मौत हो गई, जबकि 49 फीसदी ठीक होकर घर लौट आए।
वहीं, 17 फीसदी से अधिक का अभी भी इलाज चल रहा है। यह कोरोना वायरस को लेकर यूरोप में होने वाला अभी तक का सबसे बड़ा अध्ययन है। इसमें कहा गया है कि वेंटिलेटर पर करीब 53 फीसदी मरीजों की मौत हुई। एक्सपर्ट्स का कहना है, ‘इन नतीजों से पता चलता है कि कोरोना वायरस इबोला महामारी जितना खतरनाक हो सकता है।’ इबोला से हर 10 में से चार मरीज की मौत हो जाती थी।
उधर, ब्रिटेन में कोरोना वायरस से अभी तक 26 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। अब इस महामारी से मौतों के मामले में ब्रिटेन यूरोप में दूसरे और पूरी दुनिया में तीसरे स्थान पर आ गया है। कोरोना वायरस से होने वाली मौतों के मामले में अमेरिका पहले स्थान पर, तो यूरोपीय देश इटली 27,682 मौतों के साथ दूसरे स्थान पर है। ब्रिटेन में मौतों की संख्या में यह बढ़ोतरी केयर होम्स और निजी घरों में मरने वालों की संख्या को कुल कोरोना से मौतों में जोड़ने के बाद हुई है।
न्यूयॉर्क: आई बदबू, तो देखा पड़े हैं 100 शव
अमेरिका के न्यू यॉर्क के शवगृह कोरोना वायरस की वजह से मरने वालों के ताबूतों से भरे पड़े हैं। यहां तक कि शव रखने की जगह भी कम पड़ रही है। न्यूयॉर्क में एक शवगृह के पास दर्जनों शव लावारिस हालत में मिले। पड़ोसियों को जब बदबू आने लगी, तो उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर फोन किया। इसके बाद पुलिस गाड़ियों से पहुंची, तो वहां 100 से ज्यादा शव पड़े थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जब पुलिस न्यू यॉर्क के ब्रूकलिन इलाके के शवगृह पहुंची तो वहां जगह नहीं होने की वजह से कई ट्रकों में शवों को यूं ही रखा गया था। तकरीबन हर ट्रक में 50 से अधिक लाशें रखी गई थीं, क्योंकि कोरोनो वायरस के प्रकोप के कारण मौतों की संख्या में तेजी आई है और उन्हें रखने के लिए अधिकारियों को जगह की किल्लत हो रही है। पुलिस को वहां ट्रकों में शव सड़ी हुई हालत में मिली।
अधिकारियों को बताया कि शवगृह के फ्रीजर ने काम करना बंद कर दिया है और ऐसे में उन्हें ट्रकों को फ्रीजर के रूप में इस्तेमाल करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस महामारी के बीच कहा कि आने वाले दिन बेहतर होने वाले हैं। इस बीच, अमेरिका के 50 में से 35 राज्यों ने कामकाज दोबारा शुरू करने की औपचारिक योजना जारी कर दी है। देश में कोरोना वायरस के कारण कई तरह के प्रतिबंध लगे हैं।
अमेरिका में कोरोना से 63 हजार से ज्यादा लोगों की मौत
अमेरिका में कोरोना वायरस से अभी तक 63,856 लोगों की जान जा चुकी है। एक आंकड़े के अनुसार, अमेरिका में कोरोना से मरने वालों की संख्या जल्द ही 1967 के खतरनाक फ्लू से मरने वालों की संख्या से ज्यादा हो जाएगी। तब 1967 में फ्लू से 1 लाख की मौत हुई थी। उससे पहले 1957 में 1 लाख 16 हजार तो 1918 के स्पेनिश फ्लू से 6 लाख 75 हजार अमेरिकियों की मौत हुई थी। अमेरिका में कोरोना वायरस से अप्रैल महीने में हर रोज औसतन 2000 लोगों की मौत हुई है। पूरी दुनिया में 2,34,075 लोग इस महामारी से मारे गए हैं।
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