
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना के खतरे को अमेरिका के लिए पर्ल हार्बर और 9/11 की घटना से भी बुरा बताया है। अमेरिका में अबतक 12 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
कोरोना से बुरी तरह जूझ रहे अमेरिका के राष्ट्र्पति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि यह पर्ल हार्बर और 9/11 की घटना से भी बुरा है। कोरोना (Covid-19) के कारण अमेरिका में अब तक 72 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 12 लाख से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। बीमारी के अलावा दुनिया की सुपर पावर कहे जाने वाले अमेरिका की अर्थव्यवस्था को भी तगड़ा झटका लगा है। आलम यह है कि तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन दिया है।
इसी हालत को देखते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा, ‘हम अब तक के सबसे बुरे हमले से जूझ रहे हैं। वास्तव में कोरोना का हमला अब तक का सबसे भयावह है। यह पर्ल हार्बर और 9/11 (वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले) के मंजर से भी डरावना है। आज तक अमेरिका पर ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है।’ कोरोना के कारण अमेरिका में लॉकडाउन जारी है और ज्यादातर आर्थिक गतिविधियां बंद हैं।
माइनस 15 से 20 पर्सेंट हो सकती है अमेरिका की इकॉनमिक ग्रोथ
दूसरी तरफ इंटरनैशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) और वर्ल्ड बैंक ने आशंका जताई है कि अमेरिका में आर्थिक मंदी आने वाली है। यह भी कहा जा रहा है कि वर्तमान वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अमेरिका की इकॉनमी का ग्रोथ रेट माइनस 15-20 पर्सेंट हो सकता है। फिलहाल अमेरिका में कोरोना के नए केसों और मौतों की संख्या में कमी आई है, जिसके चलते कई राज्यों में आर्थिक गतिविधियां शुरू हो रही हैं।
क्या है पर्ल हार्बर की घटना?
साल 1941 में 7 दिसंबर को इंपीरियल जापानी नेवी ने हवाई के ओहू आइसलैंड में अमेरिका के नेवी बेस पर्ल हार्बर पर सुबह 7:55 पर हमला कर दिया था। दो घंटे में ही अमेरिका के 18 जंगी जहाज डूब गए, 188 एयरक्राफ्ट तबाह कर दिए गए और 2403 अमेरिकियों को मार डाला गया। जापानियों ने अमेरिकी फ्लीट को रोकने के लिए यह हमला किया था, जिससे अमेरिकी साउथ ईस्ट एशिया में जापान की गतिविधियों में हस्तक्षेप ना कर सके। यह हमला अमेरिका के इतिहास में सबसे भयावह और दर्दनाक हमला माना जाता है।
9/11 हमला
11 सितंबर 2001 को इस्लामिक आतंकी ग्रुप अलकायदा ने अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला कर दिया। एक के बाद एक करके चार हमले किए गए थे। इस हमले ने अमेरिका को हिलाकर रख दिया था। इसी हमले के कारण अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन का अंत तक पीछा किया और उसे मारकर ही दम लिया था।
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