
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डॉमिनिक राब ने रविवार को चीन पर आरोप लगाया कि वह उइगुर आबादी के खिलाफ मानवाधिकारों का ‘व्यापक’ हनन कर रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसके लिए जो जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ प्रतिबंधों से इनकार नहीं किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समूह के व्यापक उत्पीड़न और जबरन नसबंदी की खबरें ऐसी चीजों की याद दिलाती हैं जो लंबे समय से नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि उचित कार्रवाई के लिए ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगा। वह सोमवार को संसद में इस संबंध में ब्रिटेन की प्रतिक्रिया के बारे में एक बयान देने वाले हैं।
इस बीच ऐसी अटकलें हैं कि ब्रिटेन अपने पूर्व उपनिवेश हांगकांग के साथ मौजूदा प्रत्यर्पण संधि को रद्द कर देगा। उन्होंने कहा कि हम चीन के साथ सकारात्मक संबंध चाहते हैं लेकिन हम इस तरह का व्यवहार नहीं देख सकते हैं। इस बीच ब्रिटेन में चीन के राजदूत लियू शिओमिंग ने कहा कि यातना शिविरों की बात ‘गलत’ है। उन्होंने बीबीसी से कहा कि उइगुरों को भी वही अधिकार प्राप्त हैं जो देश के अन्य जातीय समूहों को मिले हुए हैं।
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