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सैटलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही: बेरूत बंदरगाह पर विशाल क्रेटर, जमीन ही जमींदोज!


सैटलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही: बेरूत बंदरगाह पर विशाल क्रेटर, जमीन ही जमींदोज!लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए भयानक विस्फोट से किस हद तक तबाही मची है, यह धीरे-धीरे सामने आ रहा है। सामने आ रहीं तस्वीरों में पता चल रहा है कि हजारों लोगों को घायल करने वाले और 100 से ज्यादा लोगों की जान लेने वाले धमाके ने आखिर कितना नुकसान किया है। Planet Labs Inc से CNN को मिलीं सैटलाइट तस्वीरों में देखा जा सकता है कि बंदरगाह पर कितनी भयानक तबाही मची है। धमाके से पहले और बाद की तस्वीरों में साफ पता चल रहा है कि कैसे पूरी-पूरी इमारतें गायब हो गई हैं। यहां तक कि पोर्ट का एक विशाल हिस्सा न सिर्फ जमींदोज हो गया है बल्कि वहां पानी दिखाई दे रहा है।
जमीन पर हो गया विशाल गड्ढा
इस बंदरगाह पर अनाज भंडार करने वाली विशाल इमारत थी। वह पूरी तरह तो नहीं ढही है लेकिन उसका एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है। तस्वीरों से पता चल रहा है कि उसके पास पहले मौजूद दो इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं और उनके नीचे की जमीन ही गायब हो गई है। यह जगह पानी से भरे विशाल क्रेटर की तरह दिख रही है।

इमारतों के पर खच्चे उड़े
इसके पास लाइन से बनीं बाकी इमारतों को पहुंचा नुकसान भी साफ देखा जा सकता है। पूरी-की-पूरी इमारतें गायब हो गई हैं और सिर्फ ढांचे दिखाई दे रहे हैं। कुछ इमारतों के ढांचे भी नहीं बचे हैं। यहां तक कि एक तस्वीर में एक बड़ी बोट भी पलटी दिखाई दे रही है। बड़ी संख्या में इमारतों की छतें ही उड़ गई हैं।

धमाके से पैदा हुआ एक और संकट
कोरोना वायरस और आर्थिक संकट से जूझ रहे देश के लिए एक बड़ी समस्या यह है कि जिस विशाल इमारत में अनाज का भंडार था, वही तबाह हो गई है। इससे अब देश के पास एक महीने से भी कम का अनाज बचा है। इस बीच देश के इकॉनमी मंत्री का कहना है कि अभी संकट से निपटने भर का आटा मौजूद है। कोरोना वायरस की वजह से अनाज का आयात भी कम हो गया था। मंत्री का कहना है कि ब्रेड या आटे की दिक्कत नहीं है और कई जहाज लेबनान के लिए ये लेकर आ रहे हैं। हालांकि, पूर्व डेप्युटी पीएम ने चिंता जताई है कि दूसरे बंदरगाहों के पास ऐसी क्षमता नहीं है।

100 से ज्यादा की मौत
जानकारी के मुताबिक धमाके से यहां कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है और 4 हजार से ज्यादा घायल हैं। बेरूत के गवर्नर के मुताबिक करीब 3 लाख लोग शहर में बेघर हो गए हैं और 3 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। धमाका इतना भयानक था कि इसकी तुलना 1945 में हुए हिरोशिमा परमाणु हमले से की जा रही है। 200 किलोमीटर दूर तक इसका असर था और रास्ते में आने वाली इमारतों और गाड़ियों के कांच टूट गए।