
नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कथित हस्तक्षेप की विदेशी कोशिशों के बारे में संसद में व्यक्तिगत रूप से जानकारी देते रहने के लिए ट्रंप प्रशासन को बाध्य करने को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता रविवार को जद्दोजहद करते नजर आये।
राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने कहा है कि मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों के बारे में प्रशासन जो कुछ जानता है, उसके बारे में अधिकतर जानकारी कांग्रेस को अब लिखित में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले इस तरह की जानकारियां सभी सदस्यों को व्यक्तिगत रूप से देने से इन्हें राजनीतिक मकसद से लीक किये जाने के मामले सामने आये हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कैलीफोर्निया से डेमोक्रेटिक जनप्रतिनिधि तथा प्रतिनिधि सभा की खुफिया समिति के अध्यक्ष एडम शिफ ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति का एक और झूठ।’’
रैटक्लिफ ने कहा कि जिन सांसदों को जानकारियां और गोपनीय सूचनाएं प्राप्त करने का अधिकार हैं, उन्हें सूचना अब भी मिलेगी और प्रमुख रूप से ब्रीफिंग लिखित में होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रतिनिधि सभा और सीनेट के सभी सदस्यों को ब्रीफिंग नहीं देने वाले।’’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि रैटक्लिफ ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि प्रशासन कांग्रेस द्वारा चुनाव सुरक्षा संबंधी जानकारियां सार्वजनिक करने की खुफिया सूचनाओं से ‘‘तंग’’ आ गया था।
ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा,‘‘ उन्होंने सूचनाएं लीक की और उससे भी खराब, उन्होंने गलत सूचनाएं दीं और हम उससे थक गए थे।’’
हालांकि, ट्रंप ने इस बात को साबित करने के लिए कोई ब्योरा नहीं दिया।
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