
ईरानी राष्ट्रपति हसन रुहानी ने कोरोना वायरस के कारण देश के बिगड़ते हालात को लेकर अमेरिका पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ कोरोना काल में ईरान की मदद न करने को लेकर अपने मित्र देशों को भी जमकर खरी खोटी सुनाई। तेहरान में एक कार्यक्रम में रुहानी ने कहा कि हमारे मित्रे देशों को अमेरिकी प्रतिबंधों को छोड़कर हमारा साथ देना चाहिए। अमेरिका को भी इस वक्त थोड़ी इंसानियत दिखानी चाहिए।
रुहानी ने कहा कि पिछले महीनों में जब से कोरोनोवायरस हमारे देश में आया था … कोई भी हमारी मदद के लिए नहीं आया। अगर अमेरिका के पास थोड़ी भी इंसानियत या दिमाग है तो उसे इस स्वास्थ्य आपातकाल के दौर में हमारे ऊपर से प्रतिबंधों को एक साल के लिए हटाने की पेशकश करेगा। लेकिन अमेरिका बाकी चीजों की तुलना में कहीं अधिक हृदयहीन और दुष्ट है।
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने हमारे ऊपर से प्रतिबंधों को हटाने की जगह पर पिछले 7 महीनों में कई नए प्रतिबंध लगाए हैं। एक भी मित्र देश ने हमसे यह नहीं कहा कि कोरोनोवायरस और कठिनाई के इस समय में और मानवता के लिए हम अमेरिका के सामने खड़े होंगे और ईरान के साथ प्रतिशोध की धमकियों के बावजूद व्यापार करेंगे।
अमेरिका ने ईरान पर लगाए हैं कई प्रतिबंध
अमेरिका ने 2015 में ईरान के साथ किए गए परमाणु समझौते को तोड़ दिया था। इसके बाद ईरान के ऊपर कई प्रतिबंध लगा दिए गए। इससे कोरोना काल में ईरान की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है। उधर अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भी प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। इस कारण कोई भी देश सीधे ईरान से व्यापार नहीं कर रहा है।
ईरान में अबतक कोरोना के 380000 मामले
ईरान में अबतक कोरोना वायरस के 380,000 से अधिक केस सामने आ चुके हैं। जबकि, 22,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पश्चिमी देश के कई विशेषज्ञों ने ईरान सरकार के इन आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ईरान कोरोना वायरस के वास्तविक आंकड़ों को छुपा रहा है।
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