
ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का घातक असर देखने को मिल रहा है। अकेले इंग्लैंड में हर 85 में से एक व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। यही कारण है कि शुक्रवार को पूरे ब्रिटेन में लाखों लोगों ने दोस्तों और परिवार से दूर रहकर सादे ढंग से क्रिसमस मनाया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के टेस्ट एंड ट्रेस नेटवर्क के आंकड़े के मुताबिक, 10 से 16 दिसंबर के बीच 1,73,875 लोगों को संक्रमित पाया गया, जो किसी सप्ताह का उच्चतम आंकड़ा है।
वेल्स में हर 60 में से एक व्यक्ति संक्रमित : राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) के अनुसार, ब्रिटेन के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वेल्स में जांच में लगभग 60 लोगों में से एक को संक्रमित पाया गया और इंग्लैंड में 85 में से एक को संक्रमित पाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घातक वायरस के नए प्रकार के फैलने से देश भर में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं क्योंकि वे अधिक संक्रामक हैं।
लॉकडाउन की चपेट में अधिकतर हिस्सा : जिसकी वजह से ब्रिटेन के अधिकांश हिस्सों में सख्त लॉकडाउन लगाया गया है, लंदन और आसपास के क्षेत्रों में टीयर 4 स्तर का लगभग पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आगाह किया है कि नए साल में कोरोना वायरस के नये प्रकार के संक्रमण के नियंत्रण से बाहर होने से रोकने के लिए सख्त प्रतिबंधों की आवश्यकता हो सकती है।
पीएम जॉनसन ने प्रतिबंध कड़े करने के संकेत दिए : बृहस्पतिवार को डाउनिंग स्ट्रीट में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, “हमें लगता है कि हमें अब इस कठिन दौर से गुजरना होगा, जैसा कि मैंने कई बार कहा है, बहुत कठिन प्रतिबंध लगाने होंगे। जॉनसन ने कहा, “मुझे इसका बहुत दुख है, मुझे लगता है कि जनवरी में इस संक्रमण के नियंत्रण से बाहर होने से रोकना हमारे लिए आवश्यक है। उन्होंने आगामी वसंत तक टीकाकरण होने से सामान्य जनजीवन की ओर लौटने का संकेत दिया।
ब्रिटेन और अमेरिका के हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नया स्ट्रेन बाकियों के मुकाबले जल्दी संक्रमित करता है लेकिन अभी इसके सबूत नहीं है कि ये ज्यादा घातक है। ब्रिटिश सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार पैट्रिक वलांस ने कहा कि स्ट्रेन ‘तेजी से फैलता है और प्रमुख वैरियंट बनता जा रहा है।’ दिसंबर में लंदन के भीतर 60% से ज्यादा इंन्फेक्शंस इसी स्ट्रेन से फैले। चिंता की एक बड़ी वजह यह है कि इस स्ट्रेन के कई म्यूटेशंस हैं- करीब दो दर्जन की पहचान हो चुकी है। कुछ म्यूटेशंस तो उस स्पाइक प्रोटीन पर हैं जिनका इस्तेमाल वायरस कोशिकाओं से जुड़ने और उन्हें संक्रमित करने के लिए करता है। जो वैक्सीन बनी हैं, वे स्पाइक को ही निशाना बनाती हैं।
वायरस अक्सर अपने जेनेटिक कोड में एक या दो लेटर के बदलाव से बदल जाते हैं। यह इवॉल्यूशन की बेहद सामान्य प्रक्रिया है। हल्का सा बदला हुआ स्टेन किसी एक देश या इलाके में बेहद आम हो सकता है क्योंकि वह वहीं बना या ‘सुपर स्प्रेडर’ इवेंट्स के जरिए फैला। ज्यादा टेंशन की बात तब होती है जब वायरस अपनी सतह के प्रोटीन्स में बदलाव करके म्यूटेट होता है क्योंकि फिर यह इम्युन सिस्टम या दवाओं से बच जाता है। न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार, ‘नए सबूत’ बताते हैं कि शायद नए स्ट्रेन के साथ ऐसा होने लगा है।
स्वीडन के रिसर्चर्स को अप्रैल में एक वायरस मिला था जिसमें दो जेनेटिक बदलाव थे। वह स्ट्रेन दोगुना संक्रामक लग रहा था। उसके दुनियाभर में करीब 6,000 केस मिले हैं। अधिकतर डेनमार्क और इंग्लैंड में। उस स्ट्रेन के अब कई वैरिएशंस आ चुके हैं। साउथ अफ्रीका में नए नया स्ट्रेन मिला है जिसमें वही दो बदलाव हैं जो हम देख चुके हैं। यूके वाले में भी दो बदलाव हैं, स्पाइक प्रोटीन में 8 चेंजेस हैं। सितंबर में दक्षिणपूर्वी इंग्लैंड में मिला एक स्ट्रेन अबतक फैल रहा है।
अमेरिका के पूर्व फूड ऐंड ड्रग कमिश्नर स्कॉट गॉटलिब ने सीबीएस के साथ बातचीत में कहा कि शायद ऐसा नहीं होगा। यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज में वायरस पर रिसर्च करने वाले डॉ रवि गुप्ता भी इसकी संभावना को बेहद कम आंकते हैं।
अमेरिकी के भावी राष्ट्रपति जो बाइडेन के नॉमिनी सर्जन जनरल विवेक मूर्ति ने रविवार को एनबीसी से कहा कि ‘यह मानने की कोई वजह नहीं है कि जो टीके बन चुके हैं वे इस वायरस पर असरदार नहीं होंगे।’ कई एक्सपर्ट्स ने कहा कि वैक्सीन सिर्फ स्पाइक प्रोटीन ही नहीं, कई तरह के रेस्पांस पैदा करती हैं। नया स्ट्रेन वैक्सीन का मुकाबला कर लेगा, इसकी संभावना कम है लेकिन इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
6 लाख से ज्यादा लोगों को लगी कोरोना वैक्सीन : स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल विभाग द्वारा इस सप्ताह जारी आंकड़ों से पता चला है कि 6,16,933 लोगों ने फाइजर/बायोटेक वैक्सीन की पहली खुराक प्राप्त की थी। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और उनके 99 वर्षीय पति प्रिंस ने सादे ढंग से क्रिसमस मनाया। शाही दंपति ने दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में बर्कशायर काउंटी के विंडसर कैसल में क्रिसमस मनाया।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website