
मध्यप्रदेश रणजी टीम के पूर्व कप्तान और एक समय में सबसे ज्यादा रणजी मैच खेलने का रिकार्ड बना चुके देवेन्द्र बुंदेला के मुताबिक सिडनी टेस्ट में भारत का पलड़ा भारी रहने की संभावना है…क्योंकि सिडनी का विकेट हमेशा से ही बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहा है और स्पिन भी होता है.. उनके मुताबिक भारत के चांसेस बहुत अच्छे हैं और कान्फिडेंस भी बहुत अच्छा है… साथ ही पिछला मैच जिस तरह हम जीते हैं, जो कमबैक किया है, हमारा अपर हैंड है… इसका मनोवैज्ञानिक लाभ भी हमारे पास हैं.. अगर पहले दिन टीम इंडिया ने लीड लिया तो हमारे पास अच्छा एडवांटेज होगा…
क्या भारतीय टीम को टेस्ट मैचों में हमेशा ही पांच गेंदबाज के साथ उतरना चाहिए, इस सवाल के जवाब में बुंदेला कहते हैं- टेस्ट मैच 5 गेंदबाजों से ही खेलना चाहिए क्योंकि मैच जीताने वाले गेंदबाज ही होते हैं… अगर टीम में एक अच्छा आलराउंडर है तो फिर चार गेंदबाजों से खेला जा सकता है… ये भी देखना होता है कि कौन सा बल्लेबाज आफ स्पिन या फास्ट बालिंग कर सकता है… सपोर्टिंग विकेट होते हैं इसलिए भी पांच गेंदबाजों से खेलना जरूरी है…
तीसरे टेस्ट मैच में भारत को टीम में क्या बदलाव करना चाहिए, इस पर मध्यप्रदेश रणजी टीम के पूर्व कप्तान बताते हैं – सिडनी टेस्ट के लिए कप्तान रहाणे के पास तीन विकल्प हैं जिनमें शार्दुल, सैनी और नटराजन शामिल हैं…तीनों ही गेंदबाज काफी डोमेस्टिक क्रिकेट खेल चुके हैं… नटराजन का एडवांटेज ये है कि वो बाएं हाथ के गेंदबाज हैं…साथ ही रोहित शर्मा सिडनी टेस्ट में खेल सकते हैं और वो मयंक की जगह खेल सकते हैं.. रोहित तेजी से रन बनाते हैं.. अगर वो जम जाते हैं तो बड़े स्कोर बना सकते हैं… इसके अलावा टीम में उमेश यादव की जगह तीनों में से कोई भी गेंदबाज आ सकते हैं.. पूर्व रणजी कप्तान के मुताबिक विकेटकीपर के रुप में ऋषभ पंत को ही टीम में ऱखा जाना चाहिए क्योंकि वो बल्लेबाजी में 30-40 रन बना सकते हैं और आक्रामक अंदाज में खेलते हैं.. पंत ने पिछले मैच में भी अच्छी बल्लेबाजी की… अगर पंत 30-40 रन बनाते हैं और 60-70 रन की पार्टनरशिप होती है तो ये बहुत अच्छा होता है…
तो ये सीरीज कौन जीतेगा इस पर बुंदेला कहते हैं कि भविष्यवाणी करना मुश्किल है क्योंकि क्रिकेट में जिसका दिन होता है वो ही मैच जीतता है लेकिन जिस हिसाब से अभी इंडिया टीम को लय मिली है ये बहुत अच्छा साइन है.. रहाणे की कप्तानी पर पूर्व रणजी कप्तान बताते हैं कि रहाणे काफी घरेलू क्रिकेट खेल चुके हैं और बहुत शांत हैं और उनका थिन्किंग प्रोसेस बहुत अच्छा है… साथ ही वो रिस्क लेने की क्षमता रखते हैं…मेलबर्न टेस्ट में अश्विन को गेंदबाजी के लिए लाना उनकी मैच्यूरिटी को बताता है… पिच में नमी होने पर कई कप्तान तेज गेंदबाजों को लगाते लेकिन रहाणे ने अश्विन को लगाया… उनकी फिल्डिंग की जमावट भी काफी अच्छी रही.. जब गेंद स्लो आ रही थी तो उन्होंने गली और स्लीप के बीच में एक फिल्डर लगा रखा था… वो हालात को अच्छी तरह से आंकते हैं… और एक परिपक्व कप्तान की निशानी है…
पहला टेस्ट हारने के बाद टीम इंडिया के आलोचक और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज सीरीज में 4-0 की जीत का दावा कर रहे थे लेकिन सीरीज के मौजूदा हालात देखते हुए भारतीय क्रिकेट के फैन्स को उम्मीद है कि ये सीरीज भारत के नाम हो सकती है.
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