
चीन अपनी कोरोना वैक्सीन के सुरक्षित होने का डंका पूरी दुनिया में पीट रहा है लेकिन एक अब चीनी डॉक्टर ने ही ड्रैगन के दावे की पोल खोलकर रख दी है। चीन के डॉक्टर ताओ लिना ने यह दावा करके विवाद खड़ा कर दिया है कि चीन की कोरोना वायरस वैक्सीन दुनिया में सबसे ज्यादा असुरक्षित है और इसके 73 दुष्प्रभाव हैं। इस वैक्सीन को चीन की सरकारी कंपनी साइनोफॉर्म ने विकसित किया है।
चीन लगातार दावा कर रहा है कि उसकी वैक्सीन सुरक्षित है। यही नहीं वह पाकिस्तान समेत दुनिया के कई देशों को इसका निर्यात करने जा रहा है। चीन के डॉक्टर का बयान दुनियाभर में वायरल होने के बाद अब डॉक्टर ताओ अपने बयान से पलट गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पश्चिमी मीडिया उनके शब्दों को ‘तोड़ मरोड़ करके पेश कर रहा है। डॉक्टर ताओ ने दावा किया कि उनका पूर्व में दिया गया बयान केवल एक तीखा व्यंग था।
चीनी वैक्सीन के 73 साइड इफेक्ट: डॉक्टर ताओ : डॉक्टर ताओ ने जोर देकर कहा कि चीनी इलाज ‘बहुत सुरक्षित’ है और देशवासियों से लापरवाही से दिए बयान के लिए माफी मांगी। इससे पहले नए साल की पूर्व संध्या पर चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने साइनोफॉर्म वैक्सीन को सशर्त मंजूरी दे दी थी। चीन का दावा है कि यह वैक्सीन 79.34 प्रतिशत कारगर है। चीन करोड़ों लोगों के यह वैक्सीन मध्य फरवरी चीनी नववर्ष से ठीक पहले लगाने जा रहा है जिसमें स्वास्थ्य कर्मचारी और काम करने वाले लोग हैं।
इससे पहले डॉक्टर ताओ ने साइनोफॉर्म के कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर एक ब्लॉग लिखा था जिसमें उन्होंने आशंका जताई थी कि यह चीनी वैक्सीन दुनिया में सबसे ज्यादा असुरक्षित है। इस ब्लॉग को चीनी सोशल मीडिया साइट वीबो पर अपलोड किया गया था। अब यह ऑर्टिकल हटा लिया गया है और इसका कारण भी नहीं बताया गया है। इस पोस्ट में डॉक्टर ताओ ने दावा किया है कि चीनी वैक्सीन के 73 साइड इफेक्ट हैं। इसमें इंजेक्शन के लगने के स्थान पर दर्द, सिरदर्द, हाई ब्लड प्रेशर, दिखाई न देना और स्वाद खत्म हो जाना और पेशाब में दिक्कत शामिल है।
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