Monday , April 27 2026 6:00 AM
Home / News / Ring of Fire: अगले हफ्ते आसमान में दिखेगा ‘आग का छल्ला’, सूरज को छिपा लेगा चांद

Ring of Fire: अगले हफ्ते आसमान में दिखेगा ‘आग का छल्ला’, सूरज को छिपा लेगा चांद


पिंक सुपरमून और ब्लड मून के बाद अब सूरज ने भी तैयारी कर ली है धरतीवासियों को अद्भुत नजारा दिखाने की। इस बार चांद सूरज के सामने से निकलेगा लेकिन उसका सिर्फ कुछ हिस्सा छिपा सकेगा। इस घटना से धरती पर आसमान में ‘आग का छल्ला’ नजर आएगा। इस नजारे को annular eclipse या ‘रिंग ऑफ फायर’ कहते हैं। यह करीब एक घंटा छह मिनट तक चल सकता है। इस साल यह ग्रहण 10 जून को लगेगा।
दरअसल, साल के इस समय चांद और सूरज धरती के हिसाब से ऐसी स्थिति पर होते हैं कि दोनों का आकार एक जैसा लगता है। चांद की कक्षा गोलाकार नहीं है, इसलिए धरती से इसकी दूरी के हिसाब से कभी यह बड़ा दिखता है और कभी छोटा। जब यह दूर होता है तो धरती और सूरज के बीच में आने पर यह पूरी तरह से सूरज को ढकता नहीं है और तब सूरज का बाहरी हिस्सा छल्ले की तरह दिखता है।
Ring of Fire: देखें, 21 जून को होने वाला सूर्य ग्रहण क्यों है खास… : भारत में रविवार यानी 21 जून को सुबह 9 बजकर 56 मिनट से शुरू होकर ग्रहण 3 घंटे 26 मिनट तक दिखाई देगा। इस दौरान कुछ जगहों पर सूरज 99.4% तक छिप जाएगा। इस बार चांद की धरती से दूरी इस खास खगोलीय घटना का कारण बनेगी। दरअसल, चांद इस वक्त पृथ्वी से सबसे दूर (apogee) होने वाला होगा, इसलिए वह पूरी तरह से सूरज को ढक नहीं सकेगा। इससे पहले वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के ऐस्ट्रोनॉमी स्टूडेंट और फटॉग्रफर कॉलिन लेग ने ऐसा नजारा मई 2013 में अपने कैमरे में कैद की थी।
इस केस में रिंग ऑफ फायर पर धरती वायुमंडल का भी असर पड़ेगा। जब तक चांद और सूरज दोनों सबसे ऊंचे अपवर्तन (High Refraction) तक नहीं पहुंचेंगे, ग्रहण साफ नहीं होगा। इस ग्रहण को अफ्रीका और एशिया में साफ-साफ देखा जा सकेगा। इसके अलावा, दक्षिणपूर्व यूरोप, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में भी आंशिक ग्रहण दिखाई देगा।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA का कहना है कि पृथ्वी से जिन जगहों पर ग्रहण देखा जा सकेगा, वहां से मीलों दूर होने पर भी आसमान साफ रहने पर इसको देखे जाने की संभावना है। हर साल लोग ग्रहण देखने के लिए ट्रैवल भी करते हैं लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से ऐसा संभव नहीं हो सकेगा और ज्यादातर लोग ऑनलाइन स्ट्रीमिंग से ही इस नजारे को देखेंगे। इस रविवार के बाद अगले साल 2021 में रिंग ऑफ फायर बनेगा जिसे सिर्फ आर्कटिक से देखा जा सकेगा।
यूं तो चांद का ज्यादातर हिस्सा छिप जाएगा लेकिन फिर भी इसे नंगी आंखों से नहीं देखा जाना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोलर व्यूइंग ग्लासेज (Solar viewing glasses) या टेलिस्कोप-दूरबीन जैसे स्पेशल फिल्टर्स का इस्तेमाल करना चाहिए। सूरज को सीधे देखने से आंखों का पर्दा (Retina) खराब हो सकता है और हमेशा के लिए आंखों की रोशनी जा सकती है।
रिंग ऑफ फायर पर धरती वायुमंडल का भी असर पड़ेगा। जब तक चांद और सूरज दोनों सबसे ऊंचे अपवर्तन (High Refraction) तक नहीं पहुंचेंगे, ग्रहण साफ नहीं होगा। इस बार इस ग्रहण को उत्तरी अमेरिका में देखा जा सकेगा। इसे अमेरिका और कनाडा के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा। हालांकि, भारत में यह नजर नहीं आएगा। अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA का कहना है कि पृथ्वी से जिन जगहों पर ग्रहण देखा जा सकेगा, वहां से मीलों दूर होने पर भी आसमान साफ रहने पर इसको देखे जाने की संभावना है।
यूं तो चांद सूरज के ज्यादातर हिस्से को छिपा लेगा लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसे सीधे देखने की जगह, सोलर व्यूइंग ग्लासेज (Solar viewing glasses) या टेलिस्कोप-दूरबीन जैसे स्पेशल फिल्टर्स का इस्तेमाल करना चाहिए। सूरज को सीधे देखने से आंखों का पर्दा (Retina) खराब हो सकता है और हमेशा के लिए आंखों की रोशनी जा सकती है।