
पाकिस्तान की इमरान खान सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि देश में पत्रकारिता पर नकेल कसी जा रही है। मशहूर पत्रकार हामिद मीर को ऑफ-एयर किए जाने के बाद पत्रकार और राजनीतिक कॉमेंटेटर आसमां शिराजी भी निशाने पर हैं। हामिद मीर ने देश की सेना के खिलाफ टिप्पणी की थी जिसके बाद उनके खिलाफ ऐक्शन लिया गया। दरअसल, सेना के आलोचक पत्रकार असद तूर पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया था जिसके बाद हामिद मीर ने सेना से सवाल किए थे।
‘परिवार को मिली धमकी’ : जियो टीवी पर करीब 20 साल तक ‘कैपिटल टॉक’ होस्ट करने वाले मीर ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया था कि उन्हें प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना पहले से लग रही थी। उन्होंने बताया कि वह दो बार पहले भी बैन किए जा चुके हैं, दो बार नौकरी जा चुकी है, कई हमले भी किए जा चुके हैं लेकिन ‘संविधान में दिए गए अधिकारों के लिए आवाज उठाने से नहीं रुक सकते।’ उन्होंने बताया है कि इस बार वह किसी भी हद तक जाएंगे क्योंकि ‘वे (सेना और ISI) मेरे परिवार को धमकी दे रहे हैं।’
कई बार किया है सामना : मीर की टिप्पणी के बाद उनके और आज न्यूज पर ‘फैसला आपका’ करंट अफेयर्स टॉक शो होस्ट शिराजी के खिलाफ दो दिन में कई शिकायतें दर्ज की गई थीं। हमलों की शिकार हो रहीं शिराजी ने ट्वीट किया है, ‘कई बार धमकियों और दबावों का सामना किया है। मुशर्रफ ने 2007 में बैन किया था, राजद्रोह की धमकी दी है और दबाव की रणनीति का सामना किया है। सच की कीमत होती है।’ शिराजी को इमरान खान और पहले ही नवाज शरीफ सरकार में भी ऐक्शन का सामना करना पड़ा है।
‘रुके हिंसा नहीं तो…’ : शिराजी और मीर ने सरकार पर यह आरोप भी लगाया था कि सरकार पत्रकारों की आवाज दबाने और हमला करने के लिए जिम्मेदार है। शिराजी ने असद पर हुए हमले के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान कहा था, ‘हम (पत्रकार) उन लोगों का नाम लेना शुरू कर देंगे जिनके बारे में जानकर भी अनजान हैं, अगर मीडिया के खिलाफ हिंसा चलती रही।’ वहीं, 147 महिल पत्रकारों ने हामिद मीर को हटाए जाने का विरोध किया और सरकार से पत्रकारों पर से दबाव हटाने की मांग की। एक बयान जारी कर शिराजी के साथ भी समरथन जाहिर किया गया।
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