
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर से जम्मू-कश्मीर में मध्यस्थता का राग अलापा है। इमरान ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ कश्मीर विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थता करे। पाकिस्तान के इस मांग का भारत लगातार कड़ा विरोध करता रहा है। भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा द्विपक्षीय है और इसका हल आपसी बातचीत से ही हो सकता है।
इमरान खान ने एचबीओ पर प्रसारित एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका को कश्मीर मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहिए। इससे पहले भी इमरान खान ने कश्मीर विवाद को सुलझाने में अमेरिका के हस्तक्षेप की मांग की थी जिसे तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार कर लिया था। हालांकि भारत के विरोध के बाद इस दिशा में कुछ खास हुआ नहीं। इमरान ने माना कि अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन ने अभी तक उनसे कोई बात नहीं की है लेकिन जब दोनों के बीच बैठक होगी तो वह कश्मीर का मुद्दा उठाएंगे।
‘कश्मीर में एक जनमत संग्रह होना चाहिए’ : पाकिस्तानी पीएम ने कहा, ‘अमेरिका की बड़ी जिम्मेदारी है क्योंकि वह दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश है। हमारे उपमहाद्वीप में 1.4 अरब की आबादी रहती है। हम केवल एक मुद्दे कश्मीर की वजह से बंधक बनकर रह गए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मुताबिक कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है। कश्मीर में एक जनमत संग्रह होना चाहिए ताकि वहां के लोग अपने भविष्य का फैसला कर सकें। यह कभी नहीं हो सका जो नासूर बन गया है। अगर अमेरिकी लोगों में प्रतिबद्धता है और दृढ़ निश्चय है तो इसे सुलझाया जा सकता है।’
इमरान खान की इस मांग पर अभी तक भारत की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। इससे पहले भारत ने कश्मीर में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की मांग को सिरे से खारिज कर दिया था। भारत कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता है। भारत को अक्सर परमाणु बम की धमकी देने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने दावा किया है कि अगर कश्मीर का मुद्दा सुलझ जाए तो पाकिस्तान को परमाणु बम की जरूरत नहीं रहेगी।
‘परमाणु हथियारों के बिल्कुल खिलाफ’ : पाकिस्तान के तेजी से बढ़ते परमाणु हथियारों पर इमरान खान ने कहा कि हमारे परमाणु बम केवल हमारी सुरक्षा के लिए हैं। पाकिस्तानी पीएम ने यह भी दावा किया कि उन्हें परमाणु हथियारों के बढ़ने के बारे में कोई पक्की जानकारी नहीं है। इमरान खान ने एचबीओ पर प्रसारित एक इंटरव्यू में कहा, ‘जहां तक मैं जानता हूं कि यह आक्रामक चीज नहीं है। कोई भी देश जिसका पड़ोसी सात गुना बड़ा है, वह चिंतित रहेगा।’ इमरान खान ने यह भी कहा कि वह परमाणु हथियारों के बिल्कुल खिलाफ हैं। पाकिस्तानी पीएम ने कहा, ‘मैं हमेशा से ही इसके खिलाफ रहा हूं। हमारी भारत के साथ तीन बार जंग हो चुकी है। इसके बाद हमारे पास परमाणु हथियार हैं। तब से लेकर अब तक कोई भी युद्ध भारत के साथ नहीं हुआ है।’
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