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Black Hole का चक्कर लगाते हुए आ टकराया Neutron Star, धरती तक पहुंचीं गुरुत्वाकर्षण तरंगें

पिछले साल जनवरी में ऐसी तरंगें डिटेक्ट की गई थीं जिन्होंने पूरे विज्ञान जगत को हैरत में डाल दिया था। ये क्या थीं और कहां से आई थीं, अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने अब इससे जुड़े कई सवालों के जवाब खोजे हैं। गुरुत्वाकर्षण तरंगों के डिटेक्टर्स के ग्लोबल नेटवर्क की मदद से की गई स्टडी के नतीजे सामने आए हैं।
रिसर्चर्स के मुताबिक एक ब्लैक होल और न्यूट्रॉन सितारे की टक्कर के कारण टाइम और स्पेस में ये तरंगें फैली थीं और ऐसी दो टक्कर 10 दिन के अंतराल पर डिटेक्ट की गईं। यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के इंस्टिट्यूट फॉर ग्रैविटेशनल वेव ऐस्ट्रोनॉमी की डॉक्टर पट्रीशिया श्मिट के मुताबिक न्यूट्रॉन स्टार और ब्लैक होल के सिस्टम की मौजूदगी का यह सबसे अहम सबूत है।
इन डिटेक्शन से हमारी समझ पर बड़ा असर पड़ेगा। इसके साथ ही यह भी समझ आएगा कि गामा-रे बर्स्ट्स में इनकी क्या भूमिका होती है। दरअसल, इससे पहले वेव डिटेक्टर्स ने सिर्फ ब्लैक होल-ब्लैक होल या न्यूट्रॉन स्टार-न्यूट्रॉन स्टार सिस्टम की टक्कर को डिटेक्ट किया है। इनकी वजह से स्पेस में दूर तक ग्रैविटेशनल वेव्स जाती हैं।
अभी तक 15 हजार के आसपास तरंगें जिन गैलेक्सीज से आ रही हैं, उन्हें डिटेक्ट किया गया है। इस बार क्लस्टर तरंगों के आने से इसके पीछे की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की ऐस्ट्रोनॉमर मैनिंग्स ने नए नतीजों को उत्साहजनक बताया है। उनका कहना है कि पहली बार इतने FRBs को हाई रेजॉलूशन में देखा गया है और हबल ने दिखाया है कि ये एक गैलेक्सी की स्पाइरल आर्म पर या पास में हैं। ज्यादातर विशाल गैलेक्सी अभी नई हैं और इनमें सितारे बन रहे हैं। FRBs की पहचान से गैलेक्सी के द्रव्यमान और उसमें बनने वाले सितारों की गति को समझा सकता है।
गैलेक्सी में जहां से FRB आ रहे हैं, वहां क्या हो रहा है, यह भी समझा जा सकता है। सूरज जितनी ऊर्जा एक साल में उत्सर्जित करता है, FRB उतनी एक पल के हजारवें हिस्से में करते हैं। ऐसे में उनके बारे में जो खोज होगी, उससे उनके बारे में ज्यादा समझने में मदद मिलेगी। समस्या यह होती है कि ये इन्हें सिर्फ कुछ मिलिसेकंड के लिए ऑब्जर्व किया जा सकता है और ये कब होंगी, इसके बारे में पता नहीं होता। इससे उनके स्रोत या वजह के बारे में पता करना मुश्किल होता है।
किसी गैलेक्सी में स्पाइरल आर्म्स पर सबसे नए और गर्म सितारे होते हैं। कोई FRB जहां से आ रही है, उस आधार पर गैलेक्सी के बारे में समझा जा सकता है। ये पांच FRB आर्म के सबसे चमकीले हिस्से से नहीं आई हैं। इस आधार पर माना जा रहा है कि ये Magnetar से आ रही हो सकती हैं। ये ऐसे घने सितारे होते हैं जिनका चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic field) बहुत शक्तिशाली होता है। विशाल सितारे जब न्यूट्रॉन स्टार बन जाते हैं, तो मैग्नेटाइज भी हो सकते हैं। इससे इनसे चमक निकलती है और सतह पर होने वाली चुंबकीय प्रक्रियाओं से रेडियो लाइट भी उत्सर्जित हो सकती है।
साल 2015 में पहली बार LIGO और Virgo कोलैबरेशन ने 1,3 अरब साल पहले टकराए दो ब्लैक होल से निकली वेव डिटेक्ट की थीं। इस बार डिटेक्टर्स ने न्यूट्रॉन स्टार के ब्लैक होल का चक्कर काटते-काटते उसमें मिल जाने की घटना को डिटेक्ट किया। इसेक कुछ दिन बाद दोबारा ऐसा डिटेक्शन किया गया। उम्मीद की जा रही है कि इस टक्कर से कई और अहम जानकारियां मिलेंगी और भविष्य में भी इस तरह की घटनाओं को डिटेक्ट किया जा सकेगा।