
‘पजंशीर में उनकी जीत, पंजशीर में मेरा आखिरी दिन होगा, इंशाल्लाह।’ यह कहना है नॉर्दन एलायंस के नेता अहमद मसूद का जिन्होंने पंजशीर घाटी पर तालिबानी कब्जे के दावे को सिरे से नकार दिया। दरअसल, तालिबान के तीन सूत्रों दावा किया है कि इस्लामिक मिलिशिया ने शुक्रवार को काबुल के उत्तर में पंजशीर घाटी पर कब्जा कर लिया है। इसी के साथ अफगानिस्तान में तालिबान विरोधियों का आखिरी किला भी ढह गया है।
वो पंजशीर में मेरा आखिरी दिन होगा… : तालिबान के दावे को अहमद मसूद ने साफ नकार दिया है। अहमद मसूद के ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया, ‘पंजशीर पर जीत की खबरें पाकिस्तानी मीडिया में घूम रही हैं। यह एक झूठ है। पंजशीर पर उनकी जीत पंजशीर में मेरा आखिरी दिन होगा, इंशाअल्लाह।’
अमरुल्लाह सालेह ने भी वीडियो जारी कर दी सफाई : इस बीच अफगानिस्तान के अपदस्थ उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने वीडियो जारी कर कहा है कि वे कहीं नहीं भागे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया में उनके घायल होने और पंजशीर से भागने की अफवाह फैलाई जा रही है। हालांकि, मैं अब भी पंजशीर में अपने लोगों के साथ हूं और लगातार बैठकें कर रहा हूं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम एक मुश्किल स्थिति में हैं। हम तालिबान द्वारा आक्रमण को झेल रहे हैं।
पंजशीर बना तालिबान के लिए बड़ा नासूर : जब से तालिबान ने अफगानिस्तान पर नियंत्रण किया है, तभी से पंजशीर घाटी में विद्रोही लड़ाके जुटना शुरू हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें सबसे ज्यादा संख्या अफगान नेशनल आर्मी के सैनिकों की है। इस गुट का नेतृत्व नॉर्दन एलायंस ने चीफ रहे पूर्व मुजाहिदीन कमांडर अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद कर रहे हैं। उनके साथ पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह और बल्ख प्रांत के पूर्व गवर्नर की सैन्य टुकड़ी भी है।
पहले भी तालिबान पंजशीर पर कब्जे का दावा कर चुका है : तालिबान के एक कमांडर ने कहा कि सर्वशक्तिमान अल्लाह की कृपा से, हम पूरे अफगानिस्तान के नियंत्रण में हैं। संकट पैदा करने वालों को हरा दिया गया है और पंजशीर अब हमारे कब्जे में है। इससे पहले भी तालिबान ने दावा किया था कि उसके लड़ाकों ने पंजशीर के काफी बड़े हिस्से पर अपना कब्जा कर लिया है। तब पंजशीर के लड़ाकों ने इस दावे को खारिज कर दिया था।
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