
कोरोनावायरस से काफी पहले से क्रिकेटरों के वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर बहस होते आ रही है। इस मामले में सभी अपना पक्ष तो रखते हैं, लेकिन हमेशा इस बात पर सवाल उठाया गया कि उचित फैसले नहीं लिए गए। अब टीम इंडिया के नवनियुक्त कोच राहुल द्रविड़ ने बड़ा बयान देते हुए एक बात साफ कर दी है कि भारतीय क्रिकेटरों के वर्कलोड मैनेजेंट पर कुछ जरूरी फैसले लिए जाएंगे।
जयपुर में बुधवार को होने वाले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी-20 मैच से पहले कोच द्रविड़ ने कहा कि खिलाड़ी मशीन नहीं हैं। टीम इंडिया में वर्कलोड मैनेज करना जरूरी है। उन्होंने कहा- वर्कलोड मैनेजमेंट क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण पहलू है। हम इसे फुटबॉल में भी देखते हैं। खिलाड़ियों की मानसिक और शारीरिक भलाई प्राथमिकता होगी। हमें संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है, खिलाड़ियों को बड़े के लिए फिट करने की दिशा में काम करना होगा।
उन्होंने आगे कहा- वर्कलोड मैनेजमेंट महत्वपूर्ण है। खिलाड़ी मशीन नहीं हैं। हम चाहते हैं कि हमारे सभी खिलाड़ी आगे की चुनौतियों के लिए तरोताजा रहें। यह बहुत आसान है, हमें हर सीरीज पर नजर रखनी होगी जो हम खेलते हैं। उल्लेखनीय है कि राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का नया कोच बनाया गया है। वह रवि शास्त्री की जगह न्यूजीलैंड के खिलाफ होम टी-20 इंटरनेशनल सीरीज में जगह ले रहे हैं।
इसलिए उठा था सवाल : भारतीय टीम को टी-20 वर्ल्ड कप के लीग चरण में ही बाहर होना पड़ा था। उसे पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार दो मैचों हार मिली थी और इसके बाद हालांकि उसने वापसी की, लेकिन सेमीफाइनल में जगह बनाने से चूक गई। इन दोनों हार के बाद भारतीय टीम के शेड्यूल, खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट और आईपीएल के शेड्यूल पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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