
चीन ने अमेरिकी संसद की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की यात्रा का जोरदार जवाब देने के लिए ताइवान की 6 तरफ से नाकेबंदी कर दी है। चीन के कई घातक युद्धपोत, फाइटर जेट, बॉम्बर, मिसाइलें ताइवान को डराने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। चीन की सेना आज से लेकर 7 तारीख तक ताइवान के चारों ओर जोरदार युद्धाभ्यास करने जा रही है। चीन ने इस इलाके से गुजरने वाले सभी यात्री विमानों को रोक दिया है। यही नहीं चीन की नौसेना ताइवान की मुख्यभूमि से मात्र 9 समुद्री मील की दूरी पर अभ्यास करने जा रही है। इससे ताइवान के मुख्य बंदरगाहों के लिए खतरा पैदा हो गया है। चीन के इस कदम से दुनिया सहमी हुई है और उसे एक और यूक्रेन संकट का खतरा डरा रहा है।
चीन ने बुधवार को ताइवान के हवाई क्षेत्र में अपने 27 फाइटर जेट भेजकर अपनी जोरदार ताकत से दुनिया को अहसास करा दिया। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने बताया 22 चीनी फाइटर जेट ने मेडियल लाइन को पार किया जो दोनों के बीच में एक अघोषित सीमा है। यह पिछले दो साल में अपने आप में एक अप्रत्याशित संख्या है। चीन ने नैंसी पेलोसी की यात्रा के विरोध में बुधवार को सैन्य अभ्यास शुरू किया था। चीन ताइवान के चारों तरफ 6 जगहों से हवा और समुद्र में अभ्यास करने जा रहा है। इसके अलावा लंबी दूरी तक हमला करने की ताकत का प्रदर्शन चीन की ओर से किया जाएगा।
चीन ताइवान से मात्र 22 किमी की दूरी पर अभ्यास करने जा रहा : विशेषज्ञों का कहना है कि यह चीन की ओर से ताइवान की नाकेबंदी है ताकि वह पूरी दुनिया से कट जाए। ताइवान एक द्वीप है और वह केवल समुद्र और हवा के जरिए ही दुनिया के साथ संपर्क में हैं। दुनियाभर के समुद्री जहाजों और यात्री विमानों को चेतावनी दी गई है कि वे इस इलाके से दूर रहें। चीन उन जगहों पर अभ्यास करने जा रहा है जो ताइवान का समुद्री इलाका है। चीन ताइवान से मात्र 22 किमी की दूरी पर अभ्यास करने जा रहा है। अमेरिकी नौसेना के विशेषज्ञ कार्ल स्चूस्टर ने कहा कि चीन अब वहां जा रहा है जहां तक वह पहले कभी नहीं गया था। चीन अपने घातक हथियारों को ताइवान के तट के पास ले जा रहा है।
डर यह भी सता रहा है कि चीन ताइवान के ऊपर से अपने फाइटर जेट को उड़ा सकता है। यही वजह है कि ताइवान की सेना भी पूरी तरह से अलर्ट है और अमेरिका ने भी अपने महाविनाशक युद्धपोतों को ताइवान के चारों ओर तैनात कर रखा है। कहा यह जा रहा है कि चीन अपनी हाइपरसोनिक मिसाइल को भी ताइवान के पास टेस्ट कर सकता है। चीन के एक घातक युद्धपोत को ताइवान के बेहद करीब देखा गया है जो हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस है। इस मिसाइल की काट अभी अमेरिका के पास भी नहीं है। चीन के इस कदम से दुनिया में डर का माहौल है और दूसरे ‘यूक्रेन युद्ध’ का खतरा सताने लगा है।
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