
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का एक अंतरिक्ष यान लाखों मील दूर एक हानिरहित क्षुद्र ग्रह से टकराया और इस दौरान उसकी कक्षा बदलने में सफल रहा। यह जानकारी एजेंसी ने ‘‘सेव द वर्ल्ड’ परीक्षण के नतीजों की घोषणा करते हुए दी। पृथ्वी की ओर भविष्य में आने वाले घातक क्षुद्र ग्रहों की दिशा बदलने की कोशिश के तहत नासा ने अपने तरह का यह पहला प्रयोग दो सप्ताह पहले किया था।
नासा ने बताया कि उसके द्वारा भेजे गए अंतरिक्ष यान डार्ट ने डिमोरफोस नामक क्षुद्र ग्रह से टकराकर उसमें एक गड्ढा बनाया जिसकी वजह से उससे मलबा अंतरिक्ष में फैल गया और धूमकेतु की तरह हजारों मील लंबी धूल और मलबे की रेखा बन गई।
एजेंसी ने बताया कि यान के असर को आंकने के लिए दूरबीन से कई दिनों तक निगरानी की गई ताकि पता चल सके कि 520 फीट लंबे इस क्षुद्र ग्रह के रास्ते में कितना बदलाव हुआ है। यान के टकराने से पहले यह क्षुद्र ग्रह मूल क्षुद्र ग्रह का चक्कर लगाने में 11 घंटे 55 मिनट का समय लेता था।
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि उन्होंने इसमें 10 मिनट की कमी की लेकिन नासा के प्रशासन बिल नेल्सन का मानना है कि यह कमी 32 मिनट की है। गौरतलब है कि वेंडिंग मशीन के आकार के यान को पिछले साल प्रक्षेपित किया गया था और यह करीब 1.10 करोड़ किलोमीटर दूर 22,500 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से क्षुद्र ग्रह से टकराया।
Home / News / NASA का डार्ट मिशन धरती को बचाने में सफल, अंतरिक्ष यान की टक्कर से क्षुद्रग्रह दूसरी कक्षा में गया
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