
ज्योतिष में उपाय कई प्रकार से होते हैं जैसे दान, रत्न, पूजापाठ, मंत्र, यन्त्र, व्रत आदि लेकिन इन सबसे दान का उपाय सर्वोत्तम है। दान एक ऐसी चमत्कारिक पद्धति है जिसकी किसी भी अन्य उपाय से तुलना नहीं की जा सकती। श्रद्धा के अनुसार किया गया दान मनुष्य को सभी सुखों से परिपूर्ण रखता है। ग्रह शांति के लिए ये छोटे-छोटे उपाय काफी कारगर सिद्ध होते हैं जो मनुष्य अपने परिश्रम द्वारा कमाए गए धन से एक भाग दरिद्रों और अन्य असहाय जीवों के लिए निकालता है उसे जीवन में कभी भी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता।
यह तो एक साधारण सा नियम है। जब तक हम अपने पिछले जन्मों का ऋण चुकाते रहेंगे तब तक हम सुखी रह सकेंगे, प्रसन्न रह सकेंगे, हर जातक को अपने पूर्व जन्मों का ऋण इस जन्म में चुकाना ही पड़ता है। जितना ज्यादा ऋण होगा उतना ही ज्यादा शारीरिक,मानसिक और भौतिक कष्टों को भोगना पड़ेगा तो अच्छा यही होगा कि इस ऋण को जल्द से जल्दी चुका दिया जाए।
दान द्वारा कष्ट निवारण
कई बार ऐसा भी होता है कि व्यक्ति किसी बीमारी से परेशान है और वह अलग-अलग डॉक्टरों से सलाह लेता है परन्तु उसको बीमारी का पता ही नहीं चल पाता। हमारी राशि में राहू केतु के प्रभाव के कारण ही बीमारी छिपी रहती है। सबसे पहले जरूरत है कि बीमारी का पता चल सके। इसके लिए अगर जातक हर हफ्ते सूजी का हलवा गरीबों में बांटे तो जल्दी ही राहू-केतु का प्रभाव खत्म हो बीमारी सामने आ जाएगी जिससे उसका निदान हो सकेगा।
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