
अफगानिस्तान से राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी के पिता से बात कर शोक व्यक्त किया है। पुलित्जर पुरस्कार विजेता पत्रकार दानिश सिद्दीकी की अफगानिस्तान में तालिबान आतंकियों के हमले में मौत हो गई थी। उनके शव को अंतरराष्ट्रीय रेडक्रास और काबुल स्थित भारतीय दूतावास के जरिए दिल्ली लाया गया था। जिसके बाद उनके शव को जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक किया गया।
अफगानिस्तान के राजदूत ने की पुष्टि : भारत स्थित अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने अशरफ गनी के स्पेशल सेक्रेटरी अजीज अमीन के ट्वीट को रिट्वीट करे हुए लिखा कि राष्ट्रपति अशरफ गनी ने दानिश सिद्दीकी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दानिश के पिता को आज एक फोन कॉल में राष्ट्रपति ने प्रोफेसर सिद्दीकी से कहा कि युवा पत्रकार के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बारे में जानकर उन्हें गहरा दुख हुआ है। भगवान उसकी आत्मा को शांति दे।
पहले भी दुख जता चुके हैं अफगान राष्ट्रपति : भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी की मौत के तुरंत बाद भी अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने दुख जताया था। उन्होंने कहा था कि मैं स्तब्ध कर देने वाली इस खबर से बहुत दुखी हूं कि रॉयटर्स के फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी कंधार में तालिबान के अत्याचार की कवरेज करने के दौरान मौत हो गई। मैं सिद्दीकी के परिवार और मीडिया परिवार के प्रति भी अपनी संवेदना प्रकट करता हूं , मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ आजाद मीडिया और पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराता हूं।
दानिश की मौत का सरकार ने क्या बताया कारण : अफगानी सेना के अधिकारियों ने दानिश सिद्दीकी के मौत का कारण तालिबान का हमला बताया है। काबुल स्थित भारतीय दूतावास ने भी आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र में दानिश की मौत के कारण के रूप में कई गोलियों के घाव का जिक्र किया है।
अफगानी कमांडर ने किया था डराने वाला दावा : इंडिया टुडे से खास बातचीत में अफगान कमांडर बिलाल अहमद ने दावा किया था कि तालिबान ने न सिर्फ दानिश सिद्दीकी को गोली मारी बल्कि उनके शरीर को भी क्षत-विक्षत कर दिया। अफगान कमांडर ने दावा किया कि तालिबान विद्रोहियों ने दानिश सिद्दीकी की भारतीय राष्ट्रीयता के कारण उनका अनादर किया। उन्होंने यह भी बताया कि तालिबान भारतीयों से नफरत करता है।
‘दानिश के शव को गाड़ी से कुचला’ : इस रिपोर्ट में पांच साल से अफगान सेना से जुड़े होने का दावा करने वाले बिलाल अहमद ने दानिश सिद्दीकी की हत्या के दिन का पूरा ब्योरा दिया है। उन्होंने बताया कि तालिबान लड़ाकों ने पाकिस्तान से लगी सीमा के पास स्पिन बोल्डक शहर में झड़प के दौरान पहले एक अफगानी सैन्य अधिकारी के साथ दानिश सिद्दीकी को गोली मारी। बिलाल अहमद ने आरोप लगाया कि जब तालिबान को उनकी पहचान और भारतीय नागरिकता के बारे में पता चला तब उन्होंने दानिश के सिर के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी।
IndianZ Xpress NZ's first and only Hindi news website