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विश्व स्वास्थ्य संगठन से आधिकारिक तौर पर अलग हुआ अमेरिका, मीडिया रिपोर्ट में दावा


अमेरिका ने मंगलवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन से आधिकारिक तौर पर अलग होने का फैसला किया। अमेरिकी मीडिया ने यह जानकारी दी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका को डब्ल्यूएचओ से औपचारिक रूप से अलग कर लिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र के इस स्वास्थ्य संगठन के खिलाफ बातें कही थीं। ट्रंप ने पहले आरोप लगाया था कि इस संगठन पर चीन का नियंत्रण है और कोरोना वायरस को लेकर आवश्यक सूचनाएं काफी बाद में जारी की गई थीं।
इस वायरस से अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है जहां 30 लाख से ज्यादा मामले अब तक सामने आए हैं। देश में कुल 1.3 लाख से ज्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है।
‘द हिल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार (स्थानीय समय) को पुष्टि की कि व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर डब्ल्यूएचओ से अमेरिका को अलग कर लिया है। अमेरिका का इस संगठन से अलग होना सोमवार से लागू होगा जिसकी जानकारी संयुक्त राष्ट्र महासचिव को भी दे दी गई।
ट्रंप ने आरोप लगाया है कि George के लिए शुरू हुए आंदोलन को हाइजैक कर लिया गया है और अब उन्होंने ऐसे लोगों को आतंकवादी घोषित करने का फैसला किया है। ट्रंप ने ट्वीट करके कहा है कि अमेरिका Antifa को आतंकवादी संगठन करार देगा।
क्या है Antifa?
अमेरिका में फासीवाद के विरोधी लोगों को Antifa (anti-fascists) कहते हैं। अमेरिका में Antifa आंदोलन उग्रवादी, वामपंथी और फासीवादी विरोधी आंदोलन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ये लोग नव-नाजी, नव-फासीवाद, श्वेत सुपीरियॉरिटी और रंगभेद के खिलाफ होते हैं और सरकार के विरोध में खड़े रहते हैं। इस आंदोलन से जुड़े लोग आमतौर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं, रैलियां करते हैं। हालांकि, विरोध के दौरान हिंसा के भी परहेज नहीं किया जाता है।
कब बना यह संगठन
एंटीफा के गठन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। इससे जुड़े सदस्य दावा करते हैं कि इसका गठन 1920 और 1930 के दशक में यूरोपीय फासीवादियों का सामना करने के लिए किया गया था। हालांकि एंटीफा की गतिविधियों पर नजर रखने वाले जानकार बताते हैं कि एंटीफा आंदोलन 1980 के दशक में एंटी-रेसिस्ट एक्शन नामक एक समूह के साथ शुरू हुआ था। 2000 तक यह आंदोलन एकदम सुस्त था लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद इसने रफ्तार पकड़ी है।
Antifa के सदस्य कौन हैं?
अमेरिका में एंटीफा के सदस्यों की पहचान करना मुश्किल है, क्योंकि इनमें से अधिकतर लोग पुलिस कार्रवाई के कारण सार्वजनिक खुलासा नहीं करते हैं। इनका कोई आधिकारिक नेता भी नहीं है। कहीं भी जब कोई रंगभेद से संबंधित विरोध प्रदर्शन का मामला आता है तो इसके सदस्य चुपचाप उस स्थान पर आंदोलन करने पहुंच जाते हैं। ये लोग अधिकतर काले कपड़े पहने होते हैं। प्रदर्शन के दौरान एंटीफा के सदस्य हिंसात्मक गतिविधियों में भी शामिल होते हैं।
Antifa किसके विरोध में हैं?
एंटीफा के सदस्य नव-नाजीवाद (Neo-Nazis), नव-फासीवाद ( Neo-fascism), श्वेत वर्चस्ववादी (white supremacists) और नस्लवाद ( racism) का खुलकर विरोध करते हैं। इसके सदस्य दक्षिणपंथी नेताओं और विचारधारा का भी खुलकर विरोध करते हैं। दक्षिणपंथी कार्यकर्ता या नेताओं को रोकने के लिए चिल्लाना, भगदड़ मचाना और मानव श्रृंखला बनाना इनकी पसंदीदा रणनीति है। जब ये रणनीतिया कामयाब नहीं होता है तब यह हिंसा और आगजनी का सहारा लेते हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने मई में ही घोषणा की थी कि उनका देश विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ अपने संबंधों को समाप्त कर रहा है। ट्रंप ने तब कहा था, ‘चीन का डब्ल्यूएचओ पर पूरा नियंत्रण है जो साल में केवल 40 मिलियन डॉलर का भुगतान करता है जबकि अमेरिका 450 मिलियन डॉलर देता है।