
ईरान के सबसे ताकतवर कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी के अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव अभी थमा नहीं है, इस बीच अमेरिका ने एक और चौंकाने वाला दावा किया है। अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों का दावा है कि सुलेमानी पर ड्रोन हमले वाले दिन ही एक और एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया गया था जिसमें ईरान की कुद्स सेना के एक और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को निशाना बनाया गया था। हालांकि अमेरिका का यह मिशन फेल हो गया।
अमेरिकी मीडिया वॉशिंगटन पोस्ट ने चार अधिकारियों के हवाले से बताया कि अमेरिकी सेना ने यमन में एयरस्ट्राइक की योजना बनाई थी जिसमें ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कोषाध्यक्ष और कुद्स फोर्स के हाई रैकिंग अधिकारी अब्दुल रजा शहलाई को निशाना बनाया गया था। हालांकि यह मिशन असफल हो गया । नाम न बताने की शर्त पर अधिकारियों ने अपने इस मिशन की जानकारी दी। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ईरान के दोनों कमांडर कमांडर कासिम सुलेमानी और शहलाई अमेरिका की टारगेट लिस्ट में थे। बता दें कि ईरान के कुद्स बल को अमेरिका ने आतंकी संगठन करार दिया था।
अमेरिकी दूतावास में बड़े हमले की फिराक में थे सुलेमानी- दावा
बता दें कि 3 जनवरी को कासिम सुलेमानी और इराकी शिया मिलिशिया ग्रुप के डेप्युटी कमांडर अबु महदी अल मुहंदिस को अमेरिकी ड्रोन हमले में बगदाद इंटरनैशनल एयरपोर्ट के मार गिराया गया था। अमेरिका ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि खुफिया सूत्रों को मिले इनपुट के अनुसार, कासिम सुलेमानी अमेरिकी दूतावास के अलावा दूसरे संगठनों पर बड़े हमले की योजना बना रहे थे जिसके बाद उन्हें एयरस्ट्राइक में मार गिराया गया।
शहलाई की जानकारी देने वाले को 15 मिलियन डॉलर का ऑफर
अधिकारियों ने इस बेहद गोपनीय मिशन की बहुत अधिक जानकारी साझा नहीं की। इससे पहले दिसंबर में अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने शहलाई के सहयोगी, नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने वाले को 15 मिलियन डॉलर की पेशकश की थी। शहलाई इराक में अमेरिकी और गठबंधन बलों के खिलाफ हमले के आरोपी हैं। इसी के साथ वह 2007 में कर्बला, इराक में अमेरिकी सेना पर हुए हमले की साजिश रचने के भी आरोपी हैं जिसमें 5 सैनिक मारे गए थे और कई घायल हुए थे।
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