
ऑस्ट्रेलिया सरकार के एक मंत्री ने अपने खिलाफ 33 साल पुराना बलात्कार का मामला उजागर करने पर सरकारी प्रसारक ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्प (एबीसी) के विरूद्ध अपना मानहानि का मुकद्दमा सोमवार को वापस ले लिया और कहा कि वह अगले साल चुनाव जरूर लड़ेंगे क्योंकि यह मामला साबित नहीं हो सका। उद्योग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री क्रिश्चन पोर्टर और एबीसी ने कहा कि यह मामला बिना कोई क्षतिपूर्ति भुगतान किये आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। पोर्टर ने कहा कि उन्होंने पैसे बनाने के इरादे से यह मुकदमा नहीं किया था।
पोर्टर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘इस तरह की रिपोर्टिंग से मुझे जो ठेस पहुंची है और मेरे परिवार तथा मेरी प्रतिष्ठा को जो आघात लगा है उसकी किसी भी तरह से भरपाई नहीं की जा सकती है।” अपनी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के बावजूद पोर्टर ने कहा कि वह एक साल के भीतर होने वाले आम चुनाव में फिर से खड़े होंगे। एबीसी ने फरवरी में यह खबर दी थी कि एक अज्ञात कैबिनेट मंत्री कई साल पहले बलात्कार के आरोप का सामना कर चुके हैं। पोर्टर उस वक्त अटॉर्नी जनरल थे। इसके कुछ दिन बाद पोर्टर ने मंत्री पद छोड़ दिया और उन आरोपों से इनकार किया कि 1988 में 17 साल की उम्र में उन्होंने 16 साल की एक लड़की से बलात्कार किया था।
आरोप लगाने वाली पीड़िता ने पिछले साल आत्महत्या कर ली थी और पुलिस ने कहा कि वह मामले में अब जांच नहीं कर रही है। इससे दो सप्ताह पहले एक कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि मंत्री लिंडा रेनॉल्ड्स के संसदीय कार्यालय में 2019 में एक वरिष्ठ सहकर्मी ने उससे बलात्कार किया था। इन आरोपों के बाद मार्च में हुए कैबिनेट फेरबदल में रेनॉल्ड्स और पोर्टर के कद घटा दिये गये हालांकि दोनों मंत्री पद पर बने रहे। एबीसी ने कहा कि उसे ‘‘खेद” है कि कुछ पाठकों ने उसकी खबर को गलत समझ लिया कि पोर्टर दोषी हैं।
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