
पश्चिम अफ्रीकी देशों में आतंक का पर्याय बन चुका बोको हराम का खूंखार दरिंदा अबूबकर शेकाउ अपने विरोधी गुट द इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीकन प्रोविंस के साथ संघर्ष में मारा गया है। इस्लामिक स्टेट ने एक ऑडियो रेकॉर्डिंग में रविवार को अबूबकर के मारे जाने की पुष्टि की। बताया जा रहा है कि इस्लामिक स्टेट के साथ संघर्ष में अबूबकर शेकाउ बुरी तरह से घिर गया था और 18 मई को एक विस्फोट करके उसने अपनी जान ले ली।
इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीकन प्रोविंस के नेता अबू मुसाब अल बरनावी ने अपने ऑडियो मेसेज में बोको हराम के कमांडर के मारे जाने की पुष्टि की। उसने कहा, ‘अबूबकर शेकाउ ईश्वर ने उसे स्वर्ग भेजकर उसके साथ न्याय किया।’ नाइजीरिया की एक खुफिया रिपोर्ट और बोको हराम पर रिसर्च करने वाले लोगों ने अबूबकर के मारे जाने की पुष्टि की है। इससे पहले पिछले महीने नाइजीरिया की सेना ने कहा था कि वह शेकाउ के कथित मौत की जांच कर रही है।
इस्लामिक स्टेट अब लेक चाड में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा : बताया जा रहा है कि लेक चाड इलाके में संघर्ष के दौरान अबूबकर मारा गया और उसके विरोधी गुट ने भी अब इसकी पुष्टि कर दी है। बोको हराम पर शोध करने वाले बुलामा बुकार्ती ने कहा कि इस्लामिक स्टेट अब लेक चाड में पूरे इलाके पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है जो कभी बोको हराम का गढ़ माना जाता है। इस्लामिक स्टेट लंबे समय से अबूबकर को हटाना चाहता था।
बच्चों ने बताया कि देखने में वे किसी डकैतों की तरह लग रहे थे, लेकिन उन्होंने खुद को इस्लामिक आतंकी संगठन बोको हराम का सदस्य बताया था। वे हमें हर सुबह और हर रात को पीटते थे। उनकी पिटाई के बाद हमें बहुत दर्द होता था। पूरे दिन में वे हमें केवल एक बार खाना और दो बार पानी देते थे।
बता दें कि इन बच्चों का कत्सिना राज्य के एक बोर्डिंग स्कूल से पिछले शुक्रवार को बोको हराम के आतंकियों ने अपहरण कर लिया था। जिसके बाद इस आतंकी संगठन के सरगना अबू बकर शेखू ने एक ऑडियो संदेश जारी कर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। उसने कहा था कि इस स्कूल में पश्चिमी शिक्षा दी जा रही है, जो इस्लाम के सिद्धांतों के खिलाफ है।
नाइजीरिया की सेना ने बताया कि उन्हें बच्चों के लोकेशन के बारे में सटीक सूचना मिली थी। जिसके बाद की गई कार्रवाई में इन सभी बच्चों को छुड़ा लिया गया। हालांकि सेना ने अभियान से जुड़े हुए किसी भी अन्य जानकारी को जारी नहीं किया। सरकार ने इस बारे में भी कोई टिप्पणी नहीं की कि क्या इसके लिए किसी तरह की फिरौती दी गई थी।
नाइजीरिया की सरकार और सेना के अधिकारी अक्सर दावा करते हुए सुने जाते हैं कि उन्होंने बोको हराम आतंकी संगठन को बर्बाद कर दिया है। हालांकि स्थानीय लोग सरकार और सेना के इस दावे पर यकीन नहीं करते हैं। यह बात सही है कि सेना के साथ लड़ाइयों में बोको हराम को काफी नुकसान पहुंचा है। लेकिन, यह संगठन हर बार पटलकर सेना और लोगों को बड़ा नुकसान जरूर पहुंचाता है।
बोको हराम इस्लाम के जिस विचारधारा का समर्थक है, उसमें मुसलमानों को वोटिंग और धर्मनिरपेक्ष होने की सख्त मनाही है। यह पूरे विश्व में शरिया कानून लागू करने की बात कहता है। इसके संस्थापक मौलवी मोहम्मद युसुफ ने एक मस्जिद का भी निर्माण करवाया, जो इन दिनों जिहादी भर्ती का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। यह संगठन बच्चों को मानव बम बनाकर हमलों को अंजाम देता है।
माना जा रहा है कि अबूबकर की मौत के बाद अब दोनों ही गुटों में हिंसक प्रतिस्पर्द्धा खत्म हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अब बोको हराम के लोग इस्लामिक स्टेट में शामिल हो जाएंगे और पूर्वोत्तर नाइजीरिया में अपनी पकड़ को और ज्यादा मजबूत कर लेंगे। अब इस्लामिक स्टेट सरकार और उसकी सेना पर अपने हमले तेज कर सकता है। पिछले 12 साल में कई बार ऐसी खबरें आई थीं कि बोकोहराम का कमांडर मारा गया है लेकिन इस बार उसके मारे जाने की पुष्टि हो गई।
आतंकियों के खिलाफ कोई गवाही भी देने को तैयार नहीं : बोको हराम पहली बार वर्ष 2014 में चर्चा में आया था। इस वर्ष उसने 270 स्कूली लड़कियों का अपहरण कर लिया था। इसके बाद से लेकर अब तक उसने कई बार बच्चों का अपहरण किया है। बोको हराम का खौफ नाइजीरिया में इस कदर है कि इसके आतंकियों के खिलाफ कोई गवाही भी देने को तैयार नहीं होता है। इस संगठन की स्थापना ही नाइजीरिया में शरिया कानून को मानने वाली सरकार को स्थापित करने को लेकर किया गया था। इस आतंकी संगठन ने नाइजीरिया में न केवल बड़ी संख्या में लोगो का कत्लेआम किया है, बल्कि सुरक्षाबलों पर भी कई जानलेवा हमले किए हैं। इस क्षेत्र में लोगों का अपहरण, हत्या और सैन्य ठिकानों पर बोको हराम के आतंकियों का हमला अब भी वैसे ही जारी है।
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