
पाकिस्तान की एक भ्रष्टाचार-निरोधी अदालत ने भ्रष्टाचार के एक मामले में पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ सोमवार को वीडियो लिंक के जरिए आरोप तय किये।
जरदारी पर कंपनियों को कर्ज दिए जाने के लिए अधिकारियों को प्रभावित करने का आरोप है।
जरदारी “बीमारी” के कारण अदालत में पेश नहीं हो सके, इसलिए आरोप वीडियो लिंक के माध्यम से तय किए गए। देश के न्यायिक इतिहास में यह इस तरह का पहला अभियोग है।
देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के 63 वर्षीय पति कराची के बिलावल हाउस से वीडियो लिंक के जरिए अदालत में पेश हुए।
इस्लामाबाद में जवाबदेही अदालत के न्यायाधीश मुहम्मद आजम खान ने पार्क लेन मामले में उन्हें और नौ अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए।
सुनवाई के दौरान जरदारी ने कहा कि उनके वकील उच्चतम न्यायालय में हैं और उनके वकीलों की अनुपस्थिति में उनके खिलाफ आरोप नहीं तय किए जा सकते।
लेकिन अदालत ने उनकी दलील को खारिज कर दिया।
इसके साथ ही मामले में सुनवाई शुरू होने का रास्ता साफ हो गया।
इस मामले के अन्य प्रमुख आरोपियों में ओमनी समूह के प्रमुख अनवर मजीद, शेर अली, फारूक अब्दुल्ला, सलीम फैसल और मुहम्मद हनीफ शामिल हैं।
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