
चीन के एक बंदरगाह के बाहर छह महीने से फंसे हुए भारतीय जहाज को लेकर गतिरोध बरकरार है जहां चीन ने बुधवार को कोविड-19 नियमों का हवाला देते हुए चालक दल के सदस्यों के बदलाव में अपनी अनिच्छा फिर से दोहराई है। जहाज पर चालक दल के 23 सदस्य हैं।
जहाज ‘जग आनंद’ में चीन के लिए ऑस्ट्रेलियाई कोयले की बड़ी खेप है। यह जून महीने से जिंगतांग बंदरगाह पर अटका हुआ है। चालक दल के सदस्य जहाज के यहां पहुंचने के बाद से ही तत्काल राहत का इंतजार कर रहे हैं।
नेशनल यूनियन ऑफ सीफेयरर्स ऑफ इंडिया, इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन (आईटीएफ) और इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने पिछले कुछ हफ्तों में चालक दल की दुर्दशा को बयां किया है।
यहां भारतीय दूतावास स्थानीय चीनी अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है ताकि चालक दल के सदस्यों को बदलने की व्यवस्था की जा सके क्योंकि वे छह महीने से जहाज पर फंसे हुए हैं।
भारतीय दूतावास ने ‘जग आनंद’ के चालक दल के अलावा चीन के काओफीदियान बंदरगाह पर इसी तरह के हालात में पनामा के जहाज अनास्तेसिया के चालक दल के 16 भारतीय सदस्यों की स्थिति को भी उठाया है।
मानवीय आधार पर ‘जग आनंद’ के चालक दल में बदलाव की अनुमति के सवाल पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने महामारी की रोकथाम संबंधी उपायों का जिक्र किया।
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