
चीन ने मंगलवार को एक बार फिर दोहराया कि वह कर्ज में फंसे श्रीलंका को मदद पहुंचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है। हालांकि चीन कैसी और किस तरह की मदद कर रहा है, इस सवाल पर वह चुप है।
श्रीलंका की ओर से कर्ज का पुनर्निधारण करने और वादे के अनुरूप ढाई अरब अमेरिकी डॉलर मुहैया करने के अनुरोध पर भी चीन चुप है। वर्तमान संकट से निपटने के लिए श्रीलंका द्वारा चीन से आर्थिक मदद के कथित अनुरोध के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने मंगलवार को पुराना राग अलापा। झाओ ने पिछली टिप्पणी को दोहराया कि चीन श्रीलंका के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है और आगे भी करता रहेगा।
झाओ ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चीन और श्रीलंका के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से दोनों देशों ने एक-दूसरे को आपसी समर्थन दिया है।” पिछले महीने चीन ने बड़े आर्थिक संकट से जूझ रहे अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान को बड़ी राहत देने के लिए कदम उठाया।
चीन ने 4.2 अरब डॉलर अमेरिकी डॉलर के कर्ज के भुगतान को आगे बढ़ाने (रोलओवर) के पाकिस्तान के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन 30 मार्च को चीन दौरे के दौरान यह दावा पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने चीनी समकक्ष से बातचीत के बाद किया था।
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